गैर शैक्षणिक कार्य में शिक्षकों को लगाने से छात्रों की पढ़ाई होगी बाधित :- शंभू यादव
दरभंगा।सरकार बार बार आश्वासन देती है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में नही लगाया जाएगा । लेकिन अपने ही आश्वासन से मुकरना सरकार का आचरण बन चुका है । ताज़ा आदेश भी सरकार के इसी दोहरे आचरण को प्रमाणित करता है । शिक्षक को क्या पता कि कौन शराब पीता है और कौन नही । इसके अलावा बच्चो को पढ़ाने के बाद उनका घर परिवार भी है । शिक्षक विद्यालय में बच्चो को पढायेंगे या लोगों का मुंह सूंघ कर पता लगायेंगे कि किसने शराब पी है और किसने नही । जब पुलिस का इतना बड़ा महकमा इस काम में असफल हो रहा है तो इसकी जिम्मेवारी सरकार शिक्षकों पर डालकर उनपर दो धारी तलवार का वार कर रही है । एक ओर शिक्षक शराबियों की सूचना नही देंगे तो सरकार वार करेगी और अगर सूचना देंगे तो नशेड़ियो के आक्रमण का शिकार होंगे । सरकार अपने आदेश पर पुनर्विचार करे और शिक्षक को शिक्षक की भूमिका तक ही सीमित रहने दे । यही बिहार के हित में भी है , शिक्षकों के हित में भी है और सरकार के हित में भी है