शिक्षण व्यवस्था में बेहतरी के लिए जान पर खेलने को भी शिक्षक तैयार लेकिन अन्य प्रकार के कार्य से करे मुक्त:- धनन्जय झा
दरभंगा। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के विरोध में जिले के शिक्षक खुलकर सामने आ गए है तथा सरकार के आदेश की प्रति जलाकर अपना विरोध प्रकट दर्ज किए है। शिक्षकों के विभिन्न संगठनों सहित तमाम शिक्षकों ने एकस्वर में स्वयं को गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त करने का विभाग से गुहार लगाते हुए कहा है कि उनका मुख्य कार्य बच्चो को शिक्षा देना है इसके लिए बेशक अगर उन्हें जान की बाजी भी लगाना होगा तो लगाएंगे। राज्यसंघ के आह्वान पर टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के द्वारा सभी प्रखंडो में आदेश की प्रति जलाकर विरोध दर्ज किया गया। बिरौल में प्रखण्ड अध्यक्ष मुकेश पोद्दार, बहेड़ी में जिला प्रवक्ता धनन्जय झा, कुशेश्वरस्थान में प्रखण्ड अध्यक्ष संजय कुमार साहू, पूर्वी में प्रखण्ड अध्यक्ष मनोज राय, गौड़ाबौराम में प्रखण्ड अध्यक्ष अविनाश सिंह, घनश्यामपुर में प्रखण्ड अध्यक्ष चितरंजन कुमार, हायाघाट मे जिला सचिव राजीव पासवान, मनीगाछी मे प्रखण्ड अध्यक्ष अमित कुमार, हनुमाननगर में प्रखण्ड अध्यक्ष सतीश सुमन, बेनीपुर मे प्रखण्ड अध्यक्ष गोपाल कृष्ण झा, अलीनगर में प्रखण्ड अध्यक्ष लक्ष्मण साफी, तारडीह में प्रखण्ड अध्यक्ष सुशील सिंह, बहादुरपुर मे प्रखण्ड अध्यक्ष रणजीत यादव, सिंहवाड़ा में प्रखण्ड अध्यक्ष सूर्य नारायण भगत के नेतृत्व में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रतियां जलाई गई। मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद मण्डल, महासचिव रंजन पासवान, जिला प्रवक्ता धनन्जय झा, कोषाध्यक्ष शिवली अंसारी ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद तथा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेश के आलोक में विभाग शिक्षको को जनगणना, आपदा एवं निर्वाचन को छोड़कर अन्य गैर शैक्षणिक कार्यो में नही लगा सकती है लेकिन इन सबको नजरअंदाज करते हुए विभाग शिक्षकों से शैक्षणिक कार्यो के अतिरिक्त अन्य विभिन्न प्रकार के कार्य करवा रही है जो सर्वथा अनुचित है। हमारी नियुक्ति बच्चो को शिक्षा देने के लिए की गई है इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार का कार्य हम नही करेंगे। सरकार अन्य कार्यो के लिए कोई व्यवस्था करें। किसी भी स्तर से शिक्षा विभाग का यह आदेश मान्य नही होगा। वही संघ के जिला सचिव राजीव पासवान, मो ताजुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष राशिद अनवर, रणधीर कुमार राय, अरुण कुमार आदि ने कहा कि बच्चो को बेहतर शिक्षा देने के लिए अगर जान की भी बाजी लगानी होगी तो हम लगा देंगे लेकिन ऐसे उलूल जुलूल आदेशो को मानकर हम अपनी जान जोखिम में नही डालेंगे। सभी शिक्षक नेताओ ने एक स्वर में यह आदेश वापस लेने की मांग किये।