दरभंगा। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित समारोह में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से महाराज लक्ष्मेश्वर सिंह मेमोरियल महाविद्यालय को सत्र 2020- 21 के लिए स्वच्छता एक्शन प्लान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर “वन डिस्ट्रिक्ट वन ग्रीन चैंपियन अवार्ड” के शैक्षणिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दरभंगा जिला प्रशासन के जिलाधिकारी त्यागराजन एस.एम. द्वारा अधिकृत जिला शिक्षा पदाधिकारी दरभंगा के विभा कुमारी द्वारा यह पुरस्कार महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. मंजू चतुर्वेदी तथा सैप के नोडल पदाधिकारी डॉ. कालिदास झा को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष स्वच्छता, स्वास्थ्य, कचरा प्रबंधन, जल प्रबंधन ऊर्जा प्रबंधन तथा ग्रीन प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए के लिए महाविद्यालय को प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर महाविद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य प्रोफ़ेसर मंजू चतुर्वेदी, एन.एस.एस. के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉक्टर कालिदास झा, आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ विनोद कुमार मिश्र, महाविद्यालय के बर्सर डॉक्टर विनय कुमार झा, जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर तकनीकी सहायता अनूप कुमार झा ने प्रदान किया। ज्ञातव्य हो की यह परियोजना, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार प्रकाश जावेडकर द्वारा प्रारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम में दरभंगा जिला के कई महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। इनमें ओरिएंटल कॉलेज के डॉक्टर रोहित गिलानी, नागेंद्र झा महिला महाविद्यालय के डॉ ऋषि कुमार राय, मारवाड़ी कॉलेज दरभंगा के अमरेंद्र कुमार झा, प्रबंधन कॉलेज बेला के अनुराग झा, मिथिला माइनॉरिटी कॉलेज के शिल्पा शर्मा, ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किया तथा दरभंगा जिला में समन्वित स्तर पर इस मिशन को आगे बढ़ाने और लोगों को प्रोत्साहित करने का वचन दिया। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आदित्य कुमार गुप्ता द्वारा किया गया जिसमें केंद्रीय समन्वय समिति के ओर से रंजन तथा गौरव ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उपस्थित प्रतिभागी महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। साथ ही भविष्य में इस कार्यक्रम को नवीन संकल्पों के साथ और आगे बढ़ाने के लिए महाविद्यालयों से समन्वय स्थापित करने और भरपूर सहयोग करने का आश्वासन दिया।
इस प्रतिस्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर पर 7000 से अधिक प्रविष्टियां भेजी गई थी जिसमें देश के 400 शिक्षण संस्थानों को इस पुरस्कार से नवाजा गया है। इस अवसर पर नोडल पदाधिकारी डॉक्टर कालिदास झा ने महाविद्यालय स्तर पर स्वच्छता, वेस्ट डिस्पोजल, वाटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए कार्यों एवं भावी योजना से उपस्थित प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ मंजू चतुर्वेदी ने सभी सदस्यों एवं छात्र प्रतिनिधियों को इस पुरस्कार का असली हकदार बताया और कहा की समन्वित प्रयास से महाविद्यालय की यह अभूतपूर्व उपलब्धि है इसे और आगे बढ़ाया जाएगा। इस पुरस्कार से इसमें शामिल सभी लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक लोगों को इस कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होगा।