पंचांग है संस्कृत विश्वविद्यालय की पहचान – कुलपति लक्ष्मी निवास पांडेय
उल्लास के साथ हुआ वर्ष 2025-26 के पंचांग का विमोचन, 45 दिन बजेंगी बिबाह की शहनाई
ग्यारह जुलाई से शुरू होंगे शुभ कार्य
राजा हैं बुध और मंत्री हैं शनि
संजय मिश्र
दरभंगा
शुक्रवार को उत्सवी माहौल में कुलपति प्रो0 लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में कामेश्वर सिंह दरभंगा विश्वविद्यालय के पंचांग का कामेश्वरनगर में विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत और ज्योतिष के कई आचार्य उपस्थित रहे। अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित विमोचन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि यह पंचांग सिर्फ मुहूर्त व शुभ दिन देखने के लिए नहीं है बल्कि यह विश्वविद्यालय की स्मिता और पहचान है। यहां के विशेषज्ञ प्रोफेसरों के कठिन मेहनत से इसे तैयार किया जाता है। ये सभी धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे से और पहले पंचांग को प्रकाशित कराने की व्यवस्था की जाएगी।
शोध व प्रकाशन प्रभारी प्रो0 दिलीप कुमार झा ने कहा कि विश्वविद्यालय पंचांग के जनक पूर्व कुलपति स्व रामकरण शर्मा थे। उन्हीं के संरक्षण में पहली बार 1977-78 में इसका प्रकाशन शुरू हुआ। यह सिलसिला अनवरत चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पंचांग का 48वां अंक हमलोगों के हाथों में है। वहीं, पंचांग के निदेशक ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ कुणाल कुमार झा ने पंचांग प्रकाशन की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। डीन डॉ शिव लोचन झा ने कहा कि विश्वविद्यालय पंचांग की देश-विदेशों में प्रतीक्षा रहती है। यह इंडिया के लिए गर्व के क्षण होते हैं। कार्यक्रम में प्रो दयानाथ झा, प्रो0 पुरेन्द्र वरिक, डॉ सुनील कुमार झा, डॉ महानन्द ठाकुर, डॉ ध्रुव मिश्र, डॉ उमेश झा, डॉ धीरज कुमार पांडेय, डॉ नरोत्तम मिश्रा, डॉ रामसेवक झा, डॉ अनिल कुमार झा, डॉ रविन्द्र मिश्र भी उपस्थित थे।
11 जुलाई से व्यवहार में आएगा पंचांग
विश्वविद्यालय के पीआरओ निशिकांत ने बताया कि शुक्रवार को विमोचित चिर प्रतीक्षित वर्ष 2025-26 का विश्वविद्यालय पंचांग 11 जुलाई से व्यवहृत होगा जो 29 जुलाई 26 तक मान्य होगा। पंचांग के बाजार में आने से अब सम्पूर्ण मिथिला समेत अन्य प्रदेशवासी शुभ मुहूर्त व तिथि को मांगलिक कार्य करेंगे। पर्व-त्योहारों व व्रतों को सही तिथि में करेंगे।
पंचांग के अनुसार इस बार ज्येष्ठ महीने में 15.5.26 से 15.6.26 तक मलमास लगेगा। वहीं, गणित कर्ता सह सम्पादक डॉ वरुण कुमार झा ने बताया कि 02 जुलाई से 12 जुलाई,26 तक सौराठ सभा आयोजित होगी। वहीं, 07 सितम्बर,25 को एवं 03 मार्च,26 को चन्द्र ग्रहण लगेगा। इस बार राजा बुध हैं और मंत्री शनि। इस अवसर पर बताया गया कि विश्वविद्यालय पंचांग पूर्णतः स्कंध ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों एवं मकरन्द गणित पर आधारित है। इसमें तिथि व मुहूर्त का निर्धारण मूलतः मैथिल धर्मशास्त्रों के सम्मत है।
इस बार 45 दिन बजेंगी बिबाह की शहनाई
नए पंचांग के अनुसार बिबाह के लिए कुल 45 दिन निर्धारित हुए हैं। इसके अलावा मुंडन, उपनयन, द्विरागमन समेत अन्य शुभ तिथि इस प्रकार रहेंगी-
बिबाह के लिए शुभ दिन
नवम्बर-20, 21, 23, 24, 26, 27, 30। दिसम्बर-01, 04, 05 । जनवरी-29। फरवरी-05, 06, 08, 15, 19, 20, 22, 25, 26। मार्च 04, 09, 11, 13। अप्रैल 17, 20, 26, 30। मई-01, 06, 08, 10, 13। जून-19, 24, 25, 26, 28, 29। जुलाई-01, 02, 03, 06, 09, 12।
उपनयन की तिथि -जनवरी-29। फरवरी-22, 26, 27। मार्च-27 (क्षत्रियवैश्य), 29। अप्रील-21 (छन्दोग), 27। जून-17(क्षत्रियवैश्य), 19, 24, 25।
द्विरागमन के शुभ दिन-
नवम्बर- 21, 23, 24, 26, 27, 28। दिसम्बर-01, 04, 05, 07, 08। फरवरी-18, 19, 20, 22, 25, 26, 27। मार्च-01, 04, 05, 06, 08। अप्रैल 20, 23, 24, 30। मई-01, 03, 04, 06।
मुण्डन के लिये शुभ दिन-
नवम्बर-21, 27। दिसम्बर-01। जनवरी-21, 23, 28, 29। फरवरी-06, 20, 26, 27। मार्च-05, 06। अप्रैल 20, 23, 29। मई-04। जून-17, 24, 25। जुलाई-01, 02, 03, 15।
गृहारम्भ के दिन –
अगस्त-06, 08, 09, 11, 13। अक्टूबर-31। नवम्बर-01, 03, 05, 07, 08। दिसम्बर-01, 04। जनवरी-29। फरवरी-27, 28। मार्च 04, 05, 06। मई-01, 04, 06। जून-25, 29। जुलाई-01, 02, 03, 04।
गृहप्रवेश के लिए शुभ तिथि-
जुलाई-30, 31। अगस्त-04, 06, 08। अक्टूबर-31। नवम्बर-01, 03, 26, 27। दिसम्बर-01। जनवरी-28, 29, 30। फरवरी-25, 26, 27, 28। अप्रैल 23, 27, 29, 30। जून-24, 25, 26, 27
धर्मनिष्ठ बनिए और अपने लिए विश्वविद्यालय पंचांग बुक करवा लीजिए।

