पुकार हुई अनसुनी, दग्ध सरकारी रुख से बेजार आवास कर्मी गए अनिश्चित कालीन हड़ताल पर
सरकारी सेवक, समान काम का समान वेतन सहित 16 सूत्री मांगों की है गुहार
संजय मिश्र
दरभंगासरकार का अंग हैं तो उन्हें ही अपनी व्यथा कथा सुनाएंगे। मांगों को फॉर्मल तौर तरीके से रखते आए .. हुक्मरानों ने कहां ध्यान दिया! इस बेरुखी से आहत होकर दरभंगा जिले के ग्रामीण आवास कर्मी आखिरकार लोकतंत्र के अस्त्र हड़ताल की ओर मुड़ गए हैं। शनिवार को जिले के ग्राम आवास कर्मियों का लहेरियासराय के पोलो ग्राउंड में जुटान हुआ। मंथन के बाद तय पाया गया कि बस इंतजार अब और नहीं .. आंदोलन ही रास्ता। उधेड़ बुन के मकड़जाल से निकल राज्य ग्रामीण आवास कर्मी संघ के निर्देश पर दरभंगा इकाई के सदस्य धरनास्थल पर जुम गए। उनने मांगें माने जाने तक संघर्ष का संकल्प लिया।
इनके भाषणों में जज्बात के पुट भले सुनाई पड़े लेकिन अपनी 16 सूत्री मांगों के समर्थन में जिला के तमाम ग्रामीण आवास सहायक, पर्यवेक्षक एवं लेखपाल वास्तविक दुख और जमीनी हकीकत के दिग्दर्शन कराते रहे।
आवास कर्मी जिलाध्यक्ष राहुल पासवान ने मौके पर 16 सूत्री मांगों के लक्ष्य को विस्तार दिया और कहा कि समान कार्य का समान वेतन एवं सभी ग्रामीण आवास सहायकों के साथ साथ संविदा पर कार्यरत आवास सहायक, आवास पर्यवेक्षक एवं लेखपाल को सरकारी सेवक घोषित किया जाय। उन्होंने सभी आवास कर्मियों की सेवा स्थायी करते हुए नियुक्ति की तिथि से वेतनमान का निर्धारण करने की जरूरत बताई। जिला सचिव ब्रजमोहन कुमार चौपाल ने हुंकार भरी और कहा कि ग्रामीण आवास सहायक का वेतन निर्धारण 2800 ग्रेड-पे के आधार पर वेतन निर्धारण करते हुए सभी सरकारी लाभ प्रदान किया जाय। गुजर बसर के लिए इसकी नितांत आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लेखापाल का वेतन निर्धारण 4200 ग्रेड-पे एवं आवास पर्यवेक्षक का 4600 ग्रेड-पे निर्धारण एवं ग्रामीण आवास कर्मियों का सेवा नियमावली बनाया जाए।
जिलाध्यक्ष से सुर में सुर मिलाते हुए उन्होंने ग्रामीण आवास कर्मियों को मिलने वाले जरूरी सुख सुविधाओं की ओर ध्यान खींचा। ब्रजमोहन ने कहा कि विकल्प के आधार पर प्रखंड स्थानान्तरण एवं जिला स्थानान्तरण किया जाय। अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प के आलोक में संविदा कर्मियों को नियमित किए जाने हेतु गठित उच्चस्तरीय समिति की अनुसंशा तत्काल प्रभाव से लागू हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आवास सहायक आवास पर्यवेक्षक, लेखापाल को अपने कार्य दायित्व के अतिरिक्त प्रभार का कार्य संपादन हेतु अलग से भत्ता का भुगतान किया जाय। आवास कर्मियों को प्रशासनिक सेवा की भांति प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने का समान अवसर देते हुए प्रत्येक वर्ष सीमित प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन कराया जाए एवं पदोन्नति की सुविधा दी जाए।
आवास कर्मियों की चाहत है कि कार्यालय अवधि के बाद विशेष परिस्थिति में यदि कर्मी को रोका जाता है तो सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार अल्पाहार एवं नाश्ता की व्यवस्था हो।
जिला कोषाध्यक्ष मनीष कुमार, जिला महामंत्री मनोज पासवान, सदस्य आलोक रंजन, राम मोहन सिंह, राकेश कुमार चौधरी, मणि भूषण, बहादुर महतो, तमन्ना, अभिनव मुस्कान, श्वेता, परवीन, रानी मंडल, राजीव रंजन, बच्चा बाबू लाल देव समेत सैकड़ों आवास कर्मी आंदोलन में शामिल रहे।

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