राजस्व मामलों की समीक्षा बैठक में टास्क मास्टर के अवतार में डीएम, कहा, लक्ष्य में कोताही बर्दाश्त नहीं
संजय मिश्र
दरभंगा
इस खबर में लगी दरभंगा के डीएम राजीव रौशन की ऐसी तस्वीर अमूमन आपने न देखी हो। 13 फरवरी 2025 को अपने चैंबर में जिले के सी ओ से समीक्षा बैठक में डीएम की ये छवि दिखी। चेहरे को पढ़ें तो संतोष, नाराजगी, तल्खी और सख्ती .. एक साथ तैरते नजर आ जाएं। आपने यकीनन समझ लिया होगा कि ठीक ठाक काम करने वालों पर संतोष, लापरवाही पर नाराजगी, महज हाकिमी दिखा समय काटने वालों पर तल्खी और सरकार के लक्ष्य के प्रति .. चलता है .. जैसे रुख पर सख्ती के पल आए होंगे। डीएम ने उन्हें अहसास कराया कि लोक जीवन में राजस्व से जुड़े मामले कितने अहम होते हैं और महती भूमिका सी ओ की रहती है।
डीएम ने ध्यान दिलाया कि ऑनलाइन दाखिल खारिज, परिमार्जन प्लस, अभियान बसेरा-2, आधार सीडिंग, लगान वसूली, सम परिवर्तन, सैरात, लंबित दाखिल खारिज आवेदन, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, लोक भूमि अतिक्रमण, ई मापी, भूमि विवाद से संबंधित मामले, भू-समाधान पोर्टल, आंतरिक संसाधन आदि पर किसी सी ओ को कितना सजग रहना पड़ेगा।
डीएम ने तमाम सी ओ को लंबित मामलों को जल्द से जल्द निष्पादित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सिंहवाड़ा के सी ओ के बेहतर कार्य की प्रशंसा की। लंबित मामलों को लेकर बिरौल और कुशेश्वरस्थान पूर्वी से स्पष्टीकरण देने की बात कही। मनीगाछी, किरतपुर और कुशेश्वरस्थान के सी ओ ने एक सप्ताह का समय मांगा और वायदा किया कि इस अवधि में लम्बित मामलों का निष्पादन हो जाएगा।
बैठक में पंचायत सरकार भवन की भी समीक्षा हुई। डीएम ने सभी सी ओ को लम्बित पंचायत सरकार भवन हेतु भूमि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि थानाध्यक्ष द्वारा भूमि विवाद मामलों को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा रहा है। डीएम ने एसएसपी के माध्यम से पत्र अग्रसारित कराने का निर्देश अपर समाहर्ता राजस्व को दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता राजस्व नीरज कुमार दास, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता बिरौल/बेनीपुर एवं सभी सी ओ उपस्थित रहे। दरभंगा प्रमंडल के जन सम्पर्क उप निदेशक सत्येंद्र प्रसाद ने बैठक की जानकारी दी है।

