नमक ने दरभंगा उत्पाद विभाग का चूसा पसीना, दो अधिकारियों पर गिरी गाज

नमक ने दरभंगा उत्पाद विभाग का चूसा पसीना, दो अधिकारियों पर गिरी गाज

जांच रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर और एस आई सस्पेंड

नमक की लुट्टिस और सरकारी गाड़ी पर रखा नमक घोर लापरवाही

संजय मिश्र
दरभंगा

शराब पकड़ने वाले उत्पाद विभाग के अधिकारियों का अदना रकम वाले नमक ने पसीना चूस लिया. कार्रवाई हुई है और दो अधिकारी निलंबित किए गए हैं. यकीन मानिए हम पहेली नहीं बुझा रहे .. यह हकीकत है. मामला दरभंगा उत्पाद विभाग का है.

उपायुक्त मद्य निषेध दरभंगा सह सारण प्रमंडल दीनबंधु ने शनिवार को दरभंगा में संकेत किया कि जांच रिपोर्ट की स्पिरिट के मुताबिक दो अधिकारी नपेंगे और सोमवार तक ए टी आर की जानकारी उन तक पहुंचने की संभावना है. उन्होंने स्पष्टता से इशारा किया कि अधिकारियों और शराब जब्त करने वाली टीम से घोर लापरवाही बरती गई. अधिकारियों को एक्शन लेना चाहिए और एक्शन लेते दिखना भी चाहिए. इन दोनों स्तरों पर यहां चूक हुई है.

विश्वस्त सूत्रों ने इस संवाददाता से साझा किया है कि ए टी आर से संबंधित ई मेल दीनबंधु को मिल चुकी है. इसमें एक इंस्पेक्टर और एक एस आई पर कार्रवाई करते हुए निलंबित करने की बात है. हालांकि दीनबंधु मुस्कुराहट के बीच बार बार सोमवार तक खुलासा करने की बात करते रहे.

क्या है मामला?

15 जुलाई की रात में दरभंगा के डीएम राजीव रौशन के निर्देश पर मद्य निषेध टीम ने करीब 51 लाख रुपये के 421 कार्टून में रखे विभिन्न ब्रांड के 3,800 लीटर अवैध शराब जब्त की थी. ये ऑपरेशन फेकला थाना क्षेत्र के धोई से छपरार जाने वाली सड़क में छपरार गांव के पास हुई थी. प्राथमिकी दर्ज हुई. जिसमें बताया गया कि अवैध विदेशी शराब के साथ ट्रक, कार और पिक-अप को भी जब्त किया गया है. लेकिन प्लास्टिक की जिन नमक की बोरियों में छिपाकर शराब लाई गई थी उस नमक का जब्ती सूची में कहीं जिक्र नहीं किया गया. मद्य निषेध कार्यालय से कर्मी और स्थानीय लोग नमक लेकर भाग रहे थे. दृश्य ऐसा मानो लुट्टिस मची हो. कोई किसी को रोकने वाला नहीं था. ऐसा लोगों का कहना था. वे बताते रहे कि नमक फ्रेश था जबकि मद्य निषेध विभाग की एफआईआर में नमक को खराब बता दिया गया. लेकिन जब्ती सूची में इसका जिक्र नहीं किया गया. मात्रा नहीं बताई गई. शराब और वाहनों को लहेरियासराय स्टेशन के निकट स्थित मद्य निषेध कार्यालय लाकर रखा गया था. वहीं गोदाम भी है. इसी गोदाम में शराब को कर्मियों ने उतारकर रख दिया. नमक वैसे ही पड़ा रहा. नमक के कुछ पैकेट मद्य निषेध लिखी हुई विभागीय स्कॉर्पियो में पड़ी रही. बाहर से लाई गई एक पिकअप में भी नमक लादे जा रहे थे. ताकि उसे अन्य जगह पर शिफ्ट किया जा सके. परिस्थितियां मद्य निषेध विभाग के इरादे पर सवाल खड़े कर रहे थे. कई पत्रकार तस्वीरें ले चुके थे और वीडियो बना चुके थे.

छापेमारी टीम में प्रकाश राम, दिनेश प्रसाद साकेत, विश्व मोहन कुमार, रवि कुमार, संजीत कुमार एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.

इस संबंध में सहायक आयुक्त मध निषेध प्रदीप कुमार ने बस इतना कहा था कि 15 जुलाई की देर रात शराब पकड़ी गई .. 16 जुलाई को शराब अनलोडिंग हुई, 17 को मुहर्रम का अवकाश था. नमक वाला वाकया 18 जुलाई को हुआ.

मामला तूल पकड़ा तो विभाग ने दीनबंधु को जांच करने भेजा. उन्होंने मद्य निषेध के लहेरियासराय स्टेशन स्थित दफ्तर में सहायक आयुक्त मद्य निषेध प्रदीप कुमार समेत विभाग के अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों से पूछताछ की .. शेष बचे नमक का निरीक्षण किया .. छापेमारी टीम में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मियों और एफआईआर के आवेदक और कांड के अनुसंधानक से लिखित प्रतिवेदन लिया. ड्यूटी में लापरवाही और एफ आई आर लिखने में लापरवाही का संकेत देकर चले गए. आयुक्त मद्य निषेध को जांच रिपोर्ट सौंप दी. उसी रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने कार्रवाई की है.

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