कर्ज माफी, एम एस पी की मांग पर बल
संजय मिश्र
दरभंगा
शुक्रवार 9 अगस्त 2024 को सयुंक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने विभिन्न मांगों के समर्थन में दरभंगा में विरोध मार्च निकाला. लहेरियासराय के पोलो ग्राउंड से निकले मार्च में गगनभेदी नारे लगाते हुए मोर्चा के सदस्यों ने किसान हितैषी मांगों पर बल दिया. इस देशव्यापी विरोध में श्रमिक संगठनों ने साथ दिया.
मार्च का नेतृत्व राजीव चौधरी, अली अहमद तम्मन्ने, अभिषेक कुमार, धर्मेश यादव, केशरी यादव, रामसागर पासवान, महेश दूबे, एक्टू के उमेश प्रसाद साह, भोला, दिलीप भगत आदि ने किया.
मार्च से पहले पोलो ग्राउंड में हुई सभा में एम एस पी की गारंटी, कर्ज मुक्ति, खादय सुरक्षा की गारंटी, बहुराष्ट्रीय कपनियों को इंडिया से बाहर करने और डब्लूटीओ से बाहर निकलने पर नेताओं ने जोर दिया. किसान सभा के जिला सचिव राजीव कुमार चौधरी ने कहा कि चार श्रम कोड को रद्द करना नितांत आवश्यक है.
संयुक्त किसान मोर्चा और श्रमिक संगठन के दरभंगा इकाई के बैनर तले हुए इस आयोजन के दौरान किसान सभा के जिला सचिव राजीव चौधरी, अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव धर्मेश यादव और दरभंगा किसान कॉन्सिल के जिला अध्यक्ष महेश दूबे की संयुक्त अध्यक्षता में नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया.
सभा को अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष ललन चौधरी, अविनाश कुमार ठाकुर, सयुंक्त सचिव श्याम भारती, किसान सभा के राज्य अध्यक्ष रामकुमार चौधरी, पूर्व जिला सचिव नारायणजी झा, अली अहमद तम्मने, किसान महासभा के बैद्यनाथ यादव, राज्य सह सचिव अभिषेक कुमार, शिवन यादव, रोहित कुमार, केशरी यादव, प्रवीण यादव, खेग्रामस के जिला सचिव पप्पू पासवान, हरि पासवान, देवेंद्र कुमार, जमालुद्दीन, एक्टू के जिला सचिव उमेश प्रसाद साह, जिला अध्यक्ष रामनारायण पासवान, सुरेंद्र पासवान, नीलम देवी, हीरा साफी, सुरेंद्र यादव, खेत मजदूर यूनियन के दिलीप भगत, गोपाल चौधरी, गणेश महतो, सुशीला देवी, विद्या देवी, सफाई मजदूर नेता दिनेश झा, गोपाल ठाकुर, शैलेन्द्र ठाकुर, गंगा राम साह, खेत मजदूर यूनियन के पूर्व जिला सचिव चंदेश्वर प्रसाद सिंह, विश्वनाथ मिश्र आदि ने सम्बोधित किया.
सभा को सम्बोधित करते हुए किसान व मजदूर नेताओं ने कहा कि 9 अगस्त के ऐतिहासिक दिवस पर संकल्प लेना जरूरी है कि कॉर्पोरेट लुटेरे राज के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन के जैसा बड़ा आंदोलन देश में खड़ा करना होगा. किसानों के पिछले आंदोलन ने मोदी सरकार को
मजबूत धक्का दिया है.
वक्ताओं ने निजीकरण, ठेका प्रथा, आउट सोर्सिंग, चार श्रम कोड़ बिल, आदि को हटाने की मांग की. दरभंगा जिले में औसत से काफी कम बारिस को देखते हुए दरभंगा जिले को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव सभा से पारित किया गया.

