मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कराये गये जातीय एवं आर्थिक सर्वे में पता चला है कि बिहार में सभी समुदायों के कुल करीब 94 लाख परिवार गरीब हैं और उनके पास कोई रोजगार नहीं है। ऐसे सभी परिवारों को रोजगार के साधन जुटाने के लिए राज्य सरकार अगले पांच साल में किस्तों में दो-दो लाख रुपये तक की सहायता देगी। इस योजना पर बड़ी राशि खर्च होगी, इसलिए भी हम लोग केंद्र सरकार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।
ये बातें सूबे के जल संसाधन व पीआरडी मंत्री संजय कुमार झा ने शनिवार को उजान में आयोजित जिलास्तरीय धोबी महासम्मेलन में कही। मंत्री श्री झा ने कहा कि समाज के वंचित तबकों का विकास शुरू से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्राथमिकता रही है। पिछले चार पंचायत चुनावों में रजक समाज सहित महादलित समुदाय के हजारों लोगों को अपने गांव-समाज का नेतृत्व करने का मौका मिला है। इससे उनका मान-सम्मान बढ़ा है और एक नया राजनीतिक नेतृत्व उभरकर सामने आ रहा है।
मंत्री श्री झा ने ऐलान किया कमला नदी के तटबंधों पर सड़क का निर्माण हो जाने पर उस पर सोलर लाइट भी लगायी जाएंगी। इससे रात में कमला नदी का मनोरम दृश्य दिखेगा। साथ ही कुछ चुनिंदा स्थानों पर रीवर फ्रंट भी बनाये जाएंगे, जहां लोगों को स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सुबह की सैर में भी सुविधा होगी।
मंत्री श्री झा ने कहा कि मिथिला में पर्यटन के विकास और रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। ‘मिथिला हाट’ इसका जीवंत उदाहरण है। मिथिला में यदि ऐसे 10 मिथिला हाट बना दिये जाएं तब भी और पर्यटक वहां पहुंचेंगे।
कार्यक्रम में बिहार प्रदेश रजक संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद रजक, महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष सविता रजक, संघ के पदाधिकारी डॉ. ज्वाला चंद्र चौधरी, इंद्रमोहन साथी, मुकेश कुमार साथी, भगवान दयाल चौधरी, अजीत चौधरी, विजय गौतम, प्रो. सोनू कुमार रजक, प्रो. महेश रजक आदि सहित कई गणमान्य तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे। इस दौरान समाज की ओर से मंत्री श्री झा का भव्य स्वागत किया गया।

