शराबबंदी से ताड़ी को हटाने वाले तेजस्वी के बयान पर  तंज कसते हुए कहा- अच्छा है कम से कम एक कदम आगे बढ़े हैं:- प्रशांत किशोर

शराबबंदी से ताड़ी को हटाने वाले तेजस्वी के बयान पर  तंज कसते हुए कहा- अच्छा है कम से कम एक कदम आगे बढ़े हैं:- प्रशांत किशोर

शराबबंदी से ताड़ी को हटाने वाले तेजस्वी के बयान पर  तंज कसते हुए कहा- अच्छा है कम से कम एक कदम आगे बढ़े हैं:- प्रशांत किशोर

 

अरवल। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर आज एक दिवसीय दौरे पर अरवल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अरवल स्थित अतिथि गृह में पत्रकारों को संबोधित किया। प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के शराबबंदी से ताड़ी को हटाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि उन्होंने कम से कम एक कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जन सुराज पहली पार्टी है जो शराबबंदी को हटाने की बात कर रही है। हम इसे हटाने की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि बिहार में शराबबंदी नहीं है। बिहार में सिर्फ शराबबंदी कानून बनाया गया है जिसके तहत सिर्फ दुकानें बंद की गई हैं और अब घर-घर शराब बिक रही है। इसके साथ ही शराबबंदी कानून से सबसे ज्यादा परेशानी दलितों, पिछड़ों और महिलाओं को हो रही है क्योंकि प्रशासन इस कानून के तहत इन लोगों को परेशान कर रहा है। उन्हें उनके घरों से गिरफ्तार किया जा रहा है और पुलिस थाने में लाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।

 

अरवल में भूमि सुधार को लेकर बड़ा वादा करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में भूमि सुधार लागू करना जन सुराज की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि बिहार में ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लगभग 60 फीसदी लोग भूमिहीन हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर भूमिहीन लोगों के प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। इसके साथ ही दलित समाज की बात करें तो दलित समाज के 86 फीसदी लोग भूमिहीन हैं। इसलिए बिहार में पूरी तैयारी और शोध करके भूमि सुधार लागू करने की जरूरत है ताकि भूमिहीन लोगों की संख्या में 20 से 25 फीसदी की कमी की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भूमिहीनों को जमीन देने के लिए किसी की जमीन छीनने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

प्रशांत किशोर ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जन सुराज जल्द ही कुछ महीनों में अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि जन सुराज किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगा, हम 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। उन्होंने कहा कि जन सुराज में टिकट का पहला मापदंड काबिलियत है। लेकिन बिहार में काबिल लोगों की संख्या कहीं ज्यादा है, इसलिए काबिल लोगों में से चुनने के लिए जिस समाज की जितनी आबादी है, उसी के अनुपात में उस समाज के काबिल लोगों को टिकट दिया जाएगा।

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