सीएम साइंस कॉलेज के भौतिकी विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 9 से।

सीएम साइंस कॉलेज के भौतिकी विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 9 से।

सीएम साइंस कॉलेज का भौतिकी विभाग आगामी 9 एवं 10 अक्टूबर को ‘रोल ऑफ़ आईसीटी इन मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा।

विनियम रिसर्च एसोसिएशन, धनबाद (झारखंड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष प्रो ए के नायक एवं सीएमआरआई, बैंगलोर के प्रोफेसर सह इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के पूर्व सेक्शनल प्रेसिडेंट प्रो पारसनाथ सिंह अपना व्याख्यान देंगे।

जानकारी देते हुए संगोष्ठी के संरक्षक सह प्रधानाचार्य प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने बताया की संचार क्रांति के युग के हिसाब से पाठ्यक्रम में शामिल विषय के ज्ञान के महत्व एवं इसकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए सेमिनार के विषय का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि सेमिनार के निर्धारित विषय के विभिन्न उपखंडों पर आधारित विषयों पर विषय विशेषज्ञों का व्याख्यान छात्र-छात्राओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। सबसे खास बात यह है कि महाविद्यालय में पहली बार पड़ोसी राज्य झारखंड की प्रमुख शोध संस्थान विनियम रिसर्च एसोसिएशन ने सीएम साइंस कॉलेज के साथ हाथ मिलाकर छात्रों का हित साधने के लिए आगे आया है।

संगोष्ठी के संयोजक सह भौतिकी विभागाध्यक्ष डा सतीश चंद्र झा ने बताया की सेमिनार के उप विषय के रूप में पाइथन लाइब्रेरीज फॉर डाटा कंप्यूटिंग माइक्रो सिस्टम, लाईफाई टेक्नोलॉजी, बेसिक आईटी टूल्स, आर्टिफिशियल ग्राफिक प्रोसेसिंग आदि विषयों को भी संगोष्ठी के उप विषय के रूप में शामिल किया गया है।जो छात्रों के लिए काफी ज्ञानवर्धक साबित होंगे। संगोष्ठी का आयोजन सचिव भौतिकी के वरिष्ठ शिक्षक डा उमेश कुमार दास को एवं संयुक्त सचिव डा अजय कुमार ठाकुर को बनाया गया है। उन्होंने सेमिनार के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि यह एक ऐसा विषय है जो पूरे विश्व में संचारित है। इस विषय का चयन खासकर स्नातकोत्तर में अध्यनरत छात्रों के अनुरूपण एवं प्रारूपण विषय पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम केंद्रित यह बहुविषयक सेमिनार न केवल छात्रों के लिए बल्कि समाज के आईटी प्रोफेशनल्स के लिए भी काफी लाभदायक साबित होगा। और यह सेमिनार निश्चित रूप से छात्रों एवं समाज के बीच के संबंधों में नए आयाम और पहलुओं को लेकर आएगा। संगोष्ठी में विनियम रिसर्च एसोसिएशन, धनबाद (झारखंड) की प्रधान सुश्री उमा गुप्ता की खास उपस्थित रहेगी। जबकि विभाग के शिक्षक डा सुजीत कुमार चौधरी, डा रश्मि रेखा, डा स्वर्णा श्रेया, डा रवि रंजन एवं डा आशुतोष सिंह की सक्रिय भागीदारी रहेगी।

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