साइनस की सर्जरी के बाद चली गई महिला की आंख की रोशनी, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप।

दरभंगा: जिले के एक अस्पताल में साइनस का इलाज कराने गई एक महिला मरीज की ऑपरेशन के बाद बाएं आंख की रोशनी चली गई। यह मामला जिले के बेंता स्थित पन्ना यूरो एंड ईएनटी अस्पताल का है। इसके बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। फिर इस घटना की लिखित शिकायत लहेरियासराय थाना में की।

दरअसल, मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना क्षेत्र के बेहट गांव निवासी सीमा राय उर्फ रेखा देवी (52) को उनके भाई अरुण कुमार राय ने पन्ना यूरो एंड ईएनटी अस्पताल में 19 नवंबर को नाक के साइनस के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया था। भर्ती करने से पहले डॉ. मोना सरावगी ने सभी प्रकार की जांच करवाई थीं। उसके बाद डॉक्टर ने कहा कि मरीज की दाहिने नाक का ऑपरेशन होगा, क्योंकि नाक में मांस भर गया है।

अरुण कुमार राय ने बताया कि डॉक्टर की सलाह के बाद हम लोग ऑपरेशन के लिए तैयार हो गए। इसके बाद डॉ. मोना सरावगी ने उनकी बहन की नाक का ऑपरेशन कर दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के बाद से ही मेरी विधवा बहन की बाएं आंख की रोशनी चली गई है। वहीं, अरुण ने कहा कि आंख की रोशनी चले जाने के कारण उनकी बहन डिप्रेशन में चली गई है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन सिलाई-कढ़ाई करके किसी प्रकार अपनी रोजी-रोटी चलाती थी। ऐसे में डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक आंख की रोशनी चली जाना उसकी जिंदगी के खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत उन्होंने थाना में की है।

पन्ना यूरो एंड ईएनटी अस्पताल की डॉ. मोना सरावगी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के इलाज में काफी रिस्क होता है। मेडिकल साइंस के मुताबिक भी आंखों की रोशनी जाने का अंदेशा रहता है। वहीं, डॉक्टर ने कहा कि ऑपरेशन से पहले इस बात की जानकारी मरीज और परिजन को दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के बाद जब मरीज की एक आंख की रोशनी चली गई तो हम लोगों ने तुरंत मरीज को आंख विशेषज्ञ के पास भेजकर चेक करवाया। चेकअप के दौरान पता चला कि आंख में किसी प्रकार का समस्या नहीं है। 15 दिनों में आंख की रोशनी वापस आ जाएगी। वहीं, उन्होंने कहा कि इलाज का खर्चा अस्पताल खुद वहन कर रहा है।

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