समस्तीपुर : आगजनी से बचाव व सुरक्षा का प्रशिक्षण, कपड़े-डंडे से स्ट्रेचर बनाने का सिखाया तरीका

छात्रों को आगजनी से बचाव, घायल व्यक्ति के लिए कपड़े का स्ट्रेचर बनाने सहित कई अन्य जानकारियां दी गईं. किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में हमें घबराना नहीं चाहिए, बल्कि सूझबूझ से काम लेकर जिम्मेदारियां निभाना चाहिए और जीवन को बचाना चाहिए.आपद को लेकर दिया गया प्रशिक्षण

समस्तीपुर. शहर के बलिराम भगत महाविद्यालय में जिला आपदा प्रबंधक प्रशाखा समस्तीपुर और कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आगजनी से बचाव व सुरक्षा विषय पर जानकारी दी गई. एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शशि भूषण कुमार शशि ने की. इस दौरान डॉ. शशि ने कहा कि आगजनी से बचाव के लिए गर्मी में हमें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि इस मौसम में आगजनी की घटनाएं सर्वाधिक देखने को मिलती हैं. जिला आपदा प्रबंधन के प्रधान सहायक प्रमोद प्रसाद सिंह के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था. उन्होंने आग से बचाव के लिए एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवकों एवं उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व कर्मियों को सामुदायिक प्रयास करने, प्रशिक्षित होने और जागरूक रहने को कहा. जिला आपदा प्रबंधन के रिसोर्स पर्सन मो.गुलाम कादिर ने आगजनी से बचाव एवं सुरक्षा पर उपस्थित लोगों को जागरूक किया.साथ ही डेमो दिखाते हुए सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अगर घर में गैस सिलेंडर में आग लग जाए तो हमें कंबल भींगाकर गैस सिलेंडर में लपेटकर आग को बुझाना चाहिए. यदि किसी के शरीर में आग लग जाए तो उसे जमीन पर लिटा कर बुझाना चाहिए. किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में हमें घबराना नहीं चाहिए बल्कि सूझबूझ से काम लेकर जिम्मेदारियों को निभाना और जीवन को बचाना चाहिए.

घायल व्यक्ति को कैसे ले जाए अस्पताल

अगर अगलगी में कोई भी व्यक्ति घायल हो जाए तो हमें उसे कपड़े और लकड़ी से बने स्ट्रेचर पर लिटाकर अतिशीघ्र अस्पताल ले जाना चाहिए. उन्होंने कपड़े और डंडे से स्ट्रेचर बनाना भी सिखाया. इन सभी कार्यों को जिला के द्वारा मॉक ड्रिल के माध्यम से दिखाया गया. पूरे कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. शबनम कुमारी के ने किया. उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों से इस प्रशिक्षण को शत प्रतिशत अपने जीवन और व्यवहार में उतारने और सामाजिक दायित्व का निर्वहन करने को कहा. इस कार्यक्रम में आपातकालीन संचालन केंद्र के प्रोग्रामर सतीश कुमार, मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार, फिरोजा खातून, बेगम परवीन, महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. राजेश कुमार रंजन, सहित कई लोगों उपस्थित थे.

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