संस्कृत विश्वविद्यालय : चार अरब 48 करोड़ से अधिक के घाटे का बजट पारित,  सीनेट में वर्ष 2025-26 के बजट समेत अन्य प्रस्तावों पर हुई चर्चा।  72 करोड साढ़े 73 लाख होंगे वेतन मद में खर्च

संस्कृत विश्वविद्यालय : चार अरब 48 करोड़ से अधिक के घाटे का बजट पारित, सीनेट में वर्ष 2025-26 के बजट समेत अन्य प्रस्तावों पर हुई चर्चा। 72 करोड साढ़े 73 लाख होंगे वेतन मद में खर्च

संस्कृत विश्वविद्यालय : चार अरब 48 करोड़ से अधिक के घाटे का बजट पारित

सीनेट में वर्ष 2025-26 के बजट समेत अन्य प्रस्तावों पर हुई चर्चा

72 करोड साढ़े 73 लाख होंगे वेतन मद में खर्च

दरभंगा।कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो0 लक्ष्मीनिवास पांडेय की अध्यक्षता में नौ अप्रैल को आयोजित सीनेट की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित बजट को पारित कर दिया गया। बजट को वित्त परामर्शी इंद्र कुमार ने सदन के पटल पर रखा और अनुमोदन का अनुरोध किया जिसे सभी मान्य सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। बजट में कुल चार अरब 50 करोड़ 67 लाख 11 हजार 714 रुपये व्यय का अनुमान लगाया गया है। जबकि बजट में आंतरिक स्त्रोतों एवं स्ववित्त पोषित संस्थानों से अनुमानित आय दो करोड़ 45 हजार 778 रुपये दर्शाया गया है। इस तरह कुल चार अरब 48 करोड़ 66 लाख 65 हज़ार 936 रुपये घाटे के बजट प्रस्तुत किया गया जिस पर सीनेट की मुहर लग गयी। अब इसे राज्य सरकार को प्रेषित किया जाएगा।
उक्त जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के पीआरओ निशिकान्त ने बताया कि बजट पदाधिकारी डॉ पवन कुमार झा के पर्यवेक्षण में तैयार बजट को आठ खण्डों में विभक्त कर अलग अलग शीर्ष में व्यय की राशि का उपबन्ध किया गया है। इस बार विभिन्न सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रमों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। वहीं, दर्शाए गए घाटे की राज्य सरकार, रूसा एवं अन्य संस्थानों से प्राप्त अनुदान व दान से तथा आंतरिक संसाधनों को विकसित कर प्रतिपूर्ति करने का प्रयास किया जाएगा। प्रस्तावित मौजूदा बजट में वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में करीब 32 करोड़ चार लाख 46 हजार 252 रुपये कम खर्चे का अनुमान लगाया गया है। 2025-26 के बजट में शिक्षकों के वेतन व्यय शीर्ष में 59 करोड़ 26 लाख 17 हजार 892 रुपये का अनुमान है। इसके अंतर्गत पीजी विभागों के शिक्षकों के लिए तीन करोड़ 72 लाख एक हजार 222 रुपये, अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों के लिए 31 करोड़ 59 लाख 20 हजार 862 रुपये तथा संबद्ध शास्त्री व उपशास्त्री कॉलेजों के लिए कुल 23 करोड़ 94 लाख 95 हजार 808 रुपये का उपबंध किया गया है। इसी तरह शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन मद में 13 करोड़ 47 लाख 32 हजार 330 रुपये का अनुमान है। इस प्रकार वेतन मद में कुल 72 करोड़ 73 लाख 50 हजार 222 रुपये की मांग सरकार से की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, बजट में पेंशन, पारिवारिक पेंशन एवं सेवांत लाभ मद में 66 करोड़ 85 लाख 45 हजार 951 रुपये व्यय का अनुमान किया गया है।
इस तरह वेतन एवं पेंशन के बकाया मद में एक अरब 83 करोड़ 12 लाख 35 हजार 722 रुपये की मांग सरकार से की जा रही है। कार्यालय के विभिन्न मदों में खर्च के लिए 85 करोड़ 42 लाख 99 हजार 924 रुपये व्यय का अनुमान किया गया है। विकास कार्यों के लिए 26 करोड़ 12 लाख 59 हजार 895 रुपये तथा अतिथि शिक्षक व आउटसोर्स कर्मियों के मद में 16 करोड़ 15 लाख 20 हजार रुपये व्यय को दर्शाया गया है। इस तरह देखें तो प्रस्तावित बजट में योजना व गैर योजना मद में कुल व्यय चार अरब 34 करोड़ 51 लाख 91 हजार 714 रुपये का अनुमान है।

प्रस्तावों का किया उपस्थापन

सदन में करीब दर्जन भर प्रस्तावों की प्रस्तुति अभिषद (सिंडिकेट) सदस्यों ने की। प्रस्ताव उपस्थापन करने वालों में प्रो0 दिलीप कुमार झा, प्रो0 दिलीप कुमार चौधरी, प्रो0 विनय कुमार चौधरी, शकुंतला गुप्ता, रूदल राय, प्रो0 अजीत कुमार चौधरी, डॉ धीरज कुमार पांडेय, डॉ शिवलोचन झा, प्रो0 ब्रजेश पति त्रिपाठी, प्रो0 पुरेन्द्र वारिक शामिल रहे।

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