शैक्षणिक सुधार कार्यक्रम पर उठ रहे सवाल, पहल अच्छी तो सभी प्रखंडों में क्यों नहीं लागू?

शैक्षणिक सुधार कार्यक्रम पर उठ रहे सवाल, पहल अच्छी तो सभी प्रखंडों में क्यों नहीं लागू?

मोहन चन्द्रवंशी
दरभंगा।डीईओ विभा कुमारी के सकारात्मक प्रयास की जिले में चर्चा है। शैक्षणिक सुधार के लिए उन्होंने कुछ कदम उठाए है। इसके तहत जो कार्यक्रम बनाया गया है उसे जिले के दो प्रखंड में लागू किया गया है।

दरभंगा के जिला शिक्षा पदाधिकारी विभा कुमारी ने शैक्षणिक सुधारात्मक करवाई कार्यक्रम को जिले के दो प्रखंड कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी में लागू किया है।

इसका उद्देश्य है कि जिला में शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से चले। इस कार्यक्रम में विद्यालय का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है जिसमे विद्यालय के प्रधान शिक्षक अथवा शिक्षक प्रतिनिधि प्रतिदिन प्रार्थना सभा एवं हाजिरी बही का फोटो या पीडीएफ सुबह साढ़े दस बजे तक डीईओ को पोस्ट करना है। जिसका अनुपालन कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी में किया जा रहा है।

शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोग और समाज के लोग डीईओ के कदम की एक तरफ सराहना कर रहे वहीं कई लोग इसे पक्षपाती भी मान रहे है। इस मामले में सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता पुरुषोत्तम कुमार ने कहा है कि शैक्षणिक सुधारात्मक कारवाई डीईओ का सकारात्मक प्रयास है परंतु कारवाई से 16 प्रखंड को बाहर रखना अनुचित भी है। एक ही जिला में दो अलग अलग व्यवस्था से उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी।

वे सवाल उठाते हैं कि डीईओ के आदेश का अनुपालन जिले के सबसे सुदूर और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र वाले कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी के शिक्षक-शिक्षिका अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है तो ऐसा ही आदेश जिला के सभी प्रखंड में क्यों नही किया जा रहा है? कहीं यह आदेश किसी विशेष जनप्रतिनिधि के आदेश पर तो नही किया जा रहा है?

उन्होंने जिले में शैक्षणिक सुधार के लिए सभी प्रखंड में समान आदेश लागू किए जाने का मांग किया है।

क्या है मामला।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने कार्यालय आदेश संख्या 1832 दिनांक 07 दिसंबर 2021 से जिला के दो प्रखंड कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी में शैक्षणिक सुधार के लिए व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाकर विद्यालय के प्रधान शिक्षक अथवा शिक्षक प्रतिनिधि प्रतिदिन प्रार्थना सभा एवं हाजिरी बही का फोटो या पीडीएफ सुबह साढ़े दस बजे तक पोस्ट करने का दिया है। इस संबंध में कुछ शिक्षक दबे जुबान से इस करवाई के लिए एक विशेष जनप्रतिनिधि को जिम्मेदार ठहराते है तो कुछ शिक्षक इसे डीईओ का अच्छा प्रयोग मानते है। इस संबंध में एक शिक्षक ने नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि हमलोग इस आदेश को जायज मानते है और अनुपालन भी करते है परन्तु सिर्फ दो प्रखंड पर यह आदेश थोपना संविधान के अनुच्छेद 14 का सरासर उल्लंघन है।

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