स्वास्थ विभाग के लापारवाही के कारण कंपाउंड बन बैठे हैं डॉक्टर
दरभंगा।मानवाधिकार इमरजेंसी सोशल हेल्पलाइन(अपराध एवं सामाजिक सुरक्षा) के प्रदेश अध्यक्ष अभिजीत कुमार ने फर्जी डॉक्टरों के विरुद्ध सुसंगत कार्रवाई के लिए अपने कार्यालय में एक बैठक कर गोपनीय टीम का गठन किया है। इस संदर्भ में प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सूचना प्राप्त हो रही है कि बिना एमबीबीएस, बीएएमएस बीयूएमएस के डिग्री के बजाप्ता बोर्ड लगाकर दलालों के माध्यम से शहर के बीचोबीच बेंता हॉस्पिटल रोड एवं जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्जनों फर्जी डॉक्टर बिना डर भय के अपना अवैध किलनिक ,नर्सिंग होम एवं हॉस्पिटल का संचालन कर लाखों रुपए की अबैध कमाई की जा रही है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग सुस्त दिखाई पड़ रही है। सिविल सर्जन एवं अन्य आला अधिकारी द्वारा भी जांच कर कार्रवाई की बात कह मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं जिस कारण ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों का मनोबल बढ़ता जा रहा है और इसका खामियाजा मरीज को भुगतना पड़ता है। कई ऐसे तथाकथित डॉक्टरों का साक्ष्य मिला है जो पूर्व में किसी डॉक्टर के यहां बतौर कंपाउंडर के रुप में कार्य कर चुके हैं। ऐसे फर्जी डॉक्टरों के विरुद्ध इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई होना बेहद आवश्यक है। आगे प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि गठित टीम के सदस्यों को अलग-अलग क्षेत्र में कार्य दिया गया है जिसका कार्य फर्जी डॉक्टरों और अवैध पैथो जांच घर एवं अल्ट्रासाउंड को चिन्हित कर प्रदेश कार्यालय में रिपोर्ट सौंपना है।