शरीरमाद्यम खलु धर्म साधनम् अर्थात किसी भी कार्य को करने का प्रथम साधन शरीर है : अखिलेश कुमार राठौर।

शरीरमाद्यम खलु धर्म साधनम् अर्थात किसी भी कार्य को करने का प्रथम साधन शरीर है : अखिलेश कुमार राठौर।

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के द्वारा निर्देशित खेल विभाग की सूचना के आलोक में अंतर महाविद्यालय योग प्रतियोगिता कार्यक्रम का समापन सत्र आज सीएम कॉलेज दरभंगा में आयोजित हुआ जिसमें चार छात्राओं एवं आठ छात्रों का चयन महाविद्यालय स्तर से ऊपरी स्तर पर किया गया और सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं चयनित अभ्यर्थियों को ट्रॉफी एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉक्टर मुस्ताक अहमद जी ने निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों , खेल पदाधिकारी एवं उनके सहयोगी प्राध्यापकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि जिन-जिन छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने पर स्मृति चिन्ह, ट्राफी एवं प्रमाण पत्र दिए गए हैं वे सब उनकी प्रतिभा का पूर्ण परिचायक हैं। प्रतियोगिता में सफल होना कड़े मेहनत का ही परिणाम होता है। हमारे महाविद्यालय ऐसे प्रतिभावान छात्रों को उचित स्थान देने में सदैव तत्पर रहा है और यही हमारी उपलब्धि है । इसके लिए प्रधानाचार्य ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं से योग विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया और उन्होंने न केवल सफल अभ्यर्थियों को पुरस्कृत किया बल्कि निर्णायक समिति के सभी सदस्यों एवं खेल पदाधिकारी सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह से सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर उपस्थित निर्णायक डॉक्टर उपासना कुमारी मैडम ने बताया कि छात्रों के परिणाम उनकी योग्यता के आधार पर घोषित किए गए हैं ,जोकि पूर्णत पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सर्वाग्रही है। दो दिनों के अंदर संचालित इस प्रतियोगिता में विभिन्न आसनों, अभ्यास, व्यायाम एवं प्राणायाम के माध्यम से छात्रों का आकलन एवं मूल्यांकन किया गया है।

निर्णायक डॉ राघवेंद्र जी ने आशीर्वचन देते हुए छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास संबंधी बातें कही और उन्हें कार्यक्रम में सहभागिता करने के लिए शुभकामनाएं दी।

निर्णायक डॉक्टर दिनेश प्रसाद साहू ने कहा कि प्रतियोगिता में अनुशासन और नियमों का पूरा-पूरा पालन किया गया है और छात्र-छात्राएं इन्हीं नियमों और अनुशासन से अपना व्यक्तित्व विकास करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकेंगे, इसकी उन्हें पूर्ण विश्वास है।

कार्यक्रम के खेल प्रभारी डॉक्टर यादवेंद्र सिंह जी ने कहा कि दो दिवसीय कार्यक्रम को संचालित करने में छात्र-छात्राओं की अभिरुचि और और मेहनत से सहभागिता करना अति महत्वपूर्ण कार्य रहा है, यह ऐसा अवसर था जिसमें प्राध्यापकगण भी छात्र-छात्राओं से परिचित होकर उनके चारित्रिक विकास में अपना योगदान दे सके।

संस्कृत के विभागाध्यक्ष डॉक्टर संजीत कुमार झा ने प्रधानाचार्य सहित निर्णायक समिति के सभी सदस्यों , प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि योग प्रतियोगिता का आयोजन अपने आप में जीवन को प्रकृति की ओर लौटने का उपक्रम है और हम लोग सनातन समय से योग विद्या को भारत वर्ष के प्रमुख दर्शन में सम्मिलित करते आ रहे हैं यह भारत की अपनी सांस्कृतिक विरासत रही है और इस प्रकार योग कला भारत की अपनी पहचान है ।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिंदी के विभागाध्यक्ष अखिलेश कुमार राठौर ने कहा कि कोई भी कार्य उद्यम के द्वारा ही पूर्ण किए जाते हैं और उद्यम करने के लिए सर्वप्रथम साधन शरीर ही है अर्थात् शरीरमाद्मम खलु धर्मसाधनम्”।

 

“उद्यमेन हीं सिद्यंति कार्याणि न मनोरथै:।

न ही सुप्तस्य,सिंहस्य प्रविशंति मुखे मृगा:”

उपरोक्त श्लोक का अर्थ बताते हुए राठौर जी ने कहा कि सोए हुए शेर को भोजन की प्राप्ति नहीं हो पाती, उन्हें भी मेहनत करना पड़ता है। इस नीति श्लोक के माध्यम से उद्यम करते हुए छात्र-छात्राओं को अपने लक्ष्य प्राप्ति करने का मार्ग ढूंढना चाहिए। योग के माध्यम से व्यक्ति एकाग्रचित होकर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता है।

राठौर जी ने प्रतियोगिता का परिणाम बताते हुए घोषणा किया कि जीडी कॉलेज बेगूसराय के आनंद कुमार पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया जबकि गौतम कुमार जीडी कॉलेज बेगूसराय द्वितीय स्थान एवं अमन कुमार जीडी कॉलेज बेगूसराय तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा के राघवेंद्र कुमार चौथे स्थान पर रहे , मणिकांत कुमार सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा ने पांचवें स्थान हासिल किया, साहिल कुमार जीडी कॉलेज बेगूसराय ने छठे स्थान और आतिश कुमार जीडी कॉलेज बेगूसराय सातवें स्थान पर और आर बी कॉलेज दलसिंहसराय के छात्र शिवम कुमार आठवें स्थान पर चयनित हुए।

छात्राओं में सीएम कॉलेज दरभंगा की पीजी अंग्रेजी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा अनु कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि बबली कुमारी (एसडीजीडी कॉलेज बेगूसराय की छात्रा) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया , तृतीय स्थान पर एसडीजीडी कॉलेज बेगूसराय की छात्रा अनुकामा कुमारी रहे और चतुर्थ स्थान पर सीएम कॉलेज की छात्रा अपर्णा कुमारी रहीं ।कुल उपरोक्त 8 छात्रों एवं चार छात्राओं का चयन महाविद्यालय स्तर से ऊपरी स्तर पर किया गया है। सभी प्रतिभागियों को संस्था के द्वारा वरीय क्रमानुसार ट्रॉफी, स्मृतिचिन्ह एवं प्रमाणपत्र प्रदान किया गया ।

इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉक्टर मुस्ताक अहमद, निर्णायक उपासना कुमारी, डा. राघवेंद्र सिंह डॉक्टर दिनेश प्रसाद, खेल पदाधिकारी डॉक्टर यादवेंद्र सिंह, संस्कृत विभाग अध्यक्ष डॉक्टर संजीत कुमार झा, इतिहास विभाग अध्यक्ष डॉक्टर दिवाकर कुमार सिंह , दर्शनशास्त्र विभाग अध्यक्ष डॉ शशांक शुक्ला, हिंदी विभाग अध्यक्ष श्री अखिलेश कुमार राठौर ,हिंदी के प्राध्यापक डॉक्टर अभिमन्यु कुमार, डॉक्टर आलोक कुमार राय, डॉक्टर रूपेंद्र कुमार झा , मैथिली प्राध्यापक डॉक्टर सुरेंद्र कुमार, महाविद्यालय सहायक शमशाद अली, एलडीसी कमलेश कुमार, अंकित कुमार ,सरफराज जी, छात्र अमरजीत कुमार ,सचिन कुमार ,सुनील कुमार, अभय कुमार, सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकगण , कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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