शतरंज के खेल में निपुण लोग जिंदगी के खेल में भी बाजीगर होते हैं:- प्रधानाचार्य

दरभंगा ।  महारानी कल्याणी महाविद्यालय दरभंगा में मिथिला विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती के अवसर पर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो० परवेज अख्तर की अध्यक्षता में किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य प्रो० परवेज अख्तर ने कहा कि शतरंज के खेल में निपुण लोग जिंदगी के खेल में भी बाजीगर होते हैं। शतरंज ही एक ऐसा खेल है जो यह सिखाता है कि कैसे हम प्यादा से वजीर को मात दे सकते हैं। इस खेल में कई आगे के चाल को पहले ही समझना होता है जो आपके सोच और कार्यशैली को दूरदर्शी बनाता है और आपके तर्कशक्ति और कार्यशैली को शिखर पर ले जाता है। इसीलिए आपलोग बढ़िया तरीके से शतरंज खेलिये और पिछले वर्ष अपने महाविद्यालय के छात्र अभिषेक कुमार, जो कि विश्वविद्यालय स्तर पर विजेता बना था। उसके भांति आप सभी छात्र-छात्राएं इस साल भी महाविद्यालय का नाम रौशन करिये और विश्वविद्यालय स्तर पर महारानी कल्याणी महाविद्यालय का परचम लहराइये।
शतरंज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मो० मोहिउद्दीन, द्वितीय स्थान सचिन कुमार व तृतीय स्थान सौरभ कुमार को मिला। साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर शतरंज प्रतियोगिता के लिये पुरुष वर्ग में मो० मोहिउद्दीन, सचिन कुमार, सौरभ कुमार, सुमन कुमार, कौस्तुक कल्याण व अभिषेक कुमार का जबकि महिला वर्ग में शिवानी कुमारी के नाम का चयन किया गया।
शतरंज प्रतियोगिता के दौरान सभी विभागों के शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रही।
शतरंज प्रतियोगिता के कार्यक्रम प्रभारी के रूप में जंतु विज्ञान शिक्षिका डॉ० गीतांजलि चौधरी व संस्कृत शिक्षिका डॉ० श्वेता शशि उपस्थित थी। अंत में शतरंज प्रतियोगिता कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ० श्वेता शशि ने किया।

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