विवादों के घेरे में आए स्थापना डीपीओ दफ्तर के दो डेटा एंट्री ऑपरेटर पर गिरी गाज, ऑफिस के काम से छुट्टी
पंद्रह दिनों में पूरा कर लिया जाएगा शिक्षकों के एल पी सी का काम – अवधेश कुमार
संजय मिश्र
दरभंगा
दरभंगा के शिक्षा विभाग के स्थापना जिला कार्यक्रम पदाधिकारी दफ्तर में कार्यरत दो डेटा एंट्री ऑपरेटर पर गाज गिरी है। उन्हें ऑफिस कार्य से हटा दिया गया है। डीपीओ स्थापना अवधेश कुमार ने शनिवार के दिन इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई शिक्षकों की तरफ से लगाए गए विभिन्न आरोपों के मद्देनजर की गई है। अब दोनों ही स्टाफ का स्थापना कार्यालय में प्रवेश वर्जित रहेगा।
शिक्षकों ने जो आरोप लगाए हैं उसके मुताबिक इन कर्मियों की ओर से एलपीसी (लास्ट पे सर्टिफिकेट यानि अंतिम वेतन प्रमाण पत्र) आउट और इन प्रक्रिया पूरी करने के एवज में कथित तौर पर पैसे देने की माँग की गई। आपको बता दें कि हाल ही में बड़ी संख्या में शिक्षक दरभंगा जिले में स्थानांतरित होकर आए हैं और जिले से दूसरी जगह ट्रांसफर हुए हैं। जिनकी संख्या कमोबेश दो हजार बताई जा रही है। डीपीओ ने बताया कि इन शिक्षकों की एलपीसी आउट और इन प्रक्रिया को लेकर कार्यालय पर दवाब बना हुआ है। लेकिन यह कार्य शीघ्रता से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में समय लग रहा है, क्योंकि इसे कम्प्यूटरीकृत प्रणाली एच आर सी एम एस के माध्यम से किया जाना होता है। स्थापना जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अवधेश कुमार ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के लिए शिक्षक को आवेदन, प्राण संख्या, ट्रांसफर लेटर और नवनियुक्त विद्यालय में पदभार ग्रहण करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यह देखना होता है कि शिक्षक की कोई बैकलॉग राशि न रह जाए। क्योंकि उसका भुगतान नई जगह पर नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि औसतन प्रतिदिन दो सौ शिक्षकों की एलपीसी आउट और इन प्रक्रिया सम्पन्न हो रही है। दो हफ्ते के भीतर सभी स्थानांतरित शिक्षकों का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
डीपीओ ने बताया कि शिक्षकों की ओर से दिक्कतों के संबंध में कोई लिखित शिकायत उन्हें नहीं दी गई थी। यह बातें सार्वजनिक हुई। मीडिया में आ गई। मीडिया को उनका भी पक्ष लेना चाहिए था। तथापि जब यह मामला संज्ञान में आया, तो डीईओ स्तर से कार्रवाई की गई है। अवधेश कुमार ने कहा हम पर बेबुनियाद आरोप के छींटे पड़े हैं। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया एक दिन में पूर्ण करना संभव नहीं है। हम पारदर्शी और निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं। यह मामला दर्शाता है कि शिक्षा विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सजगता बरती जा रही है, ताकि शिक्षकों को आगे दिक्कत नहीं हो। डीपीओ ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता का मंसूबा सहन नहीं किया जाएगा।
दिलचस्प है कि कार्रवाई के संबंध में डीईओ की ओर से 6 सितंबर 2025 को पत्र जारी किया गया है। यानि आदेश अपेक्षाकृत पुराना है। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर शिक्षकों की ओर से दर्ज शिकायत में महज एलपीसी वाले काम का जिक्र नहीं है। बल्कि विभिन्न कामों के लिए उगाही की बात के प्रसंग में मृत्युंजय कुमार और सुप्रिया कुमारी नामक डेटा एंट्री ऑपरेटर पर कार्रवाई हुई है।

