कहते हैं कि प्यार अंधा होता है क्योंकि प्यार में पड़े इंसान को और कुछ दिखाई नहीं देता. एक ऐसा ही मामला बिहार के कैमूर के मनिहारी थाना दिलारपुर पंचायत से सामने आया है. यहां एक चाचा अपनी भतीजी को लेकर फरार हो गया है. मिली जानकारी के अनुसार मनिहारी नारायणपुर के रहने वाले साबिर रंगी की 5 साल पहले दिलारपुर में शादी हुई थी. कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन में कामकाज बंद होने के कारण साबिर रंगी अपना घर छोड़ दिलारपुर में रहने लगा.
ससुराल में बच्ची पर आया दिल
इस दौरान साबिर 7 महीने तक घर जमाई बनकर ससुराल में रहा. ससुराल में उसका दिल रिश्ते में भतीजी लगने वाली बच्ची पर आ गया. 15 साल की बच्ची कुछ समझ पाती इससे पहले में ही दोनों में प्रेम संबंध बन गए. कुछ ही दिन में इस बात की भनक साबिर की पत्नी और सास को हो गई. पत्नी द्वारा विरोध करने पर साबिर ने ऐसा कदम उठाया, जिसके बारे में किसी ने सोचा भी ना था. दरअसल, साबिर 15 साल की बच्ची को लेकर ससुराल से फरार हो गया, जिसके बाद से ही बच्ची के परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे.
लड़की के परिजनों ने दोनों को बंगाल के मालदा से पकड़ा और दिलारपुर ले आए. इस दौरान दिलारपुर में साबिर की जमकर पिटाई भी हुई. मिली जानकारी के अनुसार साबिर के हाथ-पैरों को बांस के खटिया पर बांधा गया और उसके सारे बाल काटे गए. इसके बाद लोहे की रोड से मारपीट की गई. साबिर के बदन पर चाकू से वार के भी कई निशान हैं. इतना ही नहीं, परिवार के लोगों ने साबिर को सबक सिखाने के लिए इस मारपीट का वीडियो बनाया और उसे वायरल भी कर दिया.