योजना वही.. नाम बदल-बदल कर योजनाओं में फर्जीवाड़े का हो रहा है खेल, पीओ ने कहा होगी जांच
दरभंगा।सरकारी योजनाओं की लूट में नए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। दरभंगा जिले के अलग अलग क्षेत्रो में एक ही योजना को अलग अलग नाम से वर्षों तक किए जा रहे हैं। इसमें फर्जीवाड़े का ज़बरदस्त खेल जारी है।
दरभंगा के मनीगाछी प्रखंड के कटमा-बहुअरबा पंचायत में मनरेगा योजना से एक ही कार्य को अलग-अलग वित्तीय वर्ष में नाम बदलकर फर्जी तरीका से पीओ, जेई, लेखापाल, पीआरएस एवं मुखिया की मिलीभगत से राशि उठाव किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
इस संबंध में कटमा बहुअरबा पंचायत के प्रमोद सिंह, महानंद सिंह, संतोष कुमार मुखिया, अशोक मुखिया, उमा देवी, अंजू देवी सहित कई लोगों के हस्ताक्षर युक्त एक आवेदन बीडीओ एवं पीओ को दिया गया है।
आवेदन में बताया गया है कि योजना संख्या-आरसी/20458282 पीडब्ल्यूडी रोड से ठक्कन यादव के कलम तक मिट्टी एवं पुलिया निर्माण कार्य वर्ष-2021-22 में करवाया गया था। लेकिन पुन: इसी योजना का नाम बदलकर वर्ष-2022-23 में आरसी/20480664 विनोद यादव खेत से ठक्कन यादव खेत तक मिट्टी एवं पुलिया निर्माण कार्य के नाम पर राशि उठाव किया गया है।
इतना ही पर्याप्त नहीं है। आवेदन के अनुसार योजना संख्या आरसी/20461521 राम दयाल साहु के घर से हरिचरण झा के खेत तक बाढ़ सुरक्षा बांध मिट्टी करण कार्य वर्ष-2020-21 में करवाया गया था। पुन: वर्ष-2021-22 में इसी योजना का नाम बदलकर योजना संख्या-आरसी/20479278 जगदीश साहु के खेत से ठक्कन यादव खेत तक मिट्टी खरंजा कार्य दिखाकर राशि उठाव किया गया। फिर से वर्ष-2022-23 में योजना संख्या-आरसी/205788126 ठक्कन यादव के खेत से छेदी साहु के खेत तक मिट्टी कार्य दिखाकर राशि उठाव किया गया।
आवेदन में एक और योजना पर ध्यान आकृष्ट किया गया है। जल संसाधन विभाग के द्वारा नदी का उराहीकरण कार्य किया गया था। नदी के अंदर से मिट्टी काटकर बांध पर दिया गया था। वर्ष-2021-22 में बांध के इसी मिट्टी को ट्रेक्टर से समतल कर योजना संख्या-एफपी/20266488 वार्ड 13 में महावीर स्थान से बलहा घाठ तक तटबंध कटाव में मिट्टी भराई कार्य के नाम से राशि का उठाव किया गया है।
आवेदनकर्ताओं ने लाखों रुपए का फर्जी निकासी पीओ, जेई, लेखापाल, पीआरएस एवं मुखिया के द्वारा मिली भगत से करने का आरोप लगाया है।
इस संबंध में पीओ अमित कुमार वर्मा ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी।