मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए 18 अप्रैल तक होगा नामांकन, 26 को होगा चुनाव

दिल्ली के मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। बता दें 18 अप्रैल तक इसमें नामांकन की प्रक्रिया चलेगी, 26 तारीख को मतदान..
आप को बता दें दिल्ली के मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए अधिसूचना अब जारी हो गई है। बता दें 18 अप्रैल तक इसमें नामांकन की प्रक्रिया चलेगी, और जबकि 26 तारीख को इसका मतदान होगा। अब वहीं कयास भी लगाए जा रहे हैं कि आप सरकार और भाजपा दोनों ही अपने मेयर और डिप्टी मेयर के प्रत्याशी को दोहरा भी सकते हैं।

जानकारी के अनुसार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इस बुधवार को ही मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की अधिसूचना जारी हुई है। और इसमें नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। 18 अप्रैल नामांकन की इसमें आखिरी तारीख होगी। अब आखिरी वक्त में ही दोनों पार्टियों की ओर से इसमें नामांकन दाखिल किए जाने की संभावना भी है। बता दे 26 अप्रैल को सदन की पहली बैठक में ही मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होने वाले हैं।

बता दें मेयर के चुनाव की तारीख का एलान होते ही अब निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर में काफी तेज़ी से सरगर्मी भी बढ़ गई है। अगर आम आदमी पार्टी के सभी पार्षदों की मानें तो शैली ओबरॉय का इसमें दोबारा मेयर प्रत्याशी बनना अब तय है। और वहीं मेयर चुनाव के परिणाम को लेकर इसकी स्थिति पूरी तरह से साफ दिखती है, लेकिन अब राजनीतिक के हलके में ये भी चर्चा हो रही है कि अब अगले वर्ष की लोकसभा के चुनाव को देखते हुए अब भाजपा अपना मेयर बनाने की भी पूरी कोशिश करेगी।

बहुमत का पूरा आंकड़ा आप के पक्ष में
बता दें मेयर चुनाव के लिए कुल 274 मतों में से अभी तक 150 वोट आप सरकार के पक्ष में ही हैं, और जबकि 116 वोट भाजपा सरकार के पक्ष में हैं। वही बीते वर्ष 7 दिसंबर को निगम के 250 वार्डों के चुनाव भी हुए थे। और इसमें आम आदमी पार्टी ने ही अपनी जीत दर्ज की थी और एमसीडी में पिछले 15 साल तक लगातार सत्ता में रहने वाली इस भाजपा सरकार को भी मात दी थी। इसमें आप को कुल 134 सीटों पर ही जीत मिली थी।

और जबकि भाजपा कुल 104 सीटों पर ही सिमट गई थी। और वही कांग्रेस को 9 सीटें ही मिली थीं। इसमें तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार ही जीते थे। बता दें 22 फरवरी को मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में आप की प्रत्याशी शैली ओबरॉय मेयर और साथ ही आले इकबाल डिप्टी मेयर भी चुने गए थे। और इसके बाद ही बवाना वार्ड से आप सरकार के पार्षद रहे पवन सहरावत ने भी उस वक्त भाजपा का दामन थाम लिया था।

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