मुख्य सचिव ने संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं को लेकर की बैठक।

दरभंगा: बिहार सरकार के मुख्य सचिव आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं को लेकर सभी संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव/ सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं सभी जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य में लू की स्थिति उत्पन्न हो गई है, इससे सभी जिले को सावधान रहने की जरूरत है।

स्वास्थ्य विभाग अपने सभी अस्पतालों में इसके लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें, ताकि मरीज के पहुंचते ही उनका उपचार किया जा सके। सभी जिलाधिकारियों को इसे सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया, इसके साथ ही शहरी क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों, हाट-बाजार में शीतल जल/प्याऊ की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया गया।

सचिव ने बताया कि विगत 19 अप्रैल को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में बिहार के विभिन्न जिलों में 2966 प्याऊ लगवाए गए हैं, कल कारखानों में तथा निर्माण कार्य स्थलों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। सभी जिलाधिकारी को अपने श्रम अधीक्षक के माध्यम से इस व्यवस्था की जाँच करवाने का निर्देश दिया गया।

सचिव द्वारा बताया गया कि विभिन्न जिलों के 290 स्थलों पर लोगों द्वारा निजी सहयोग से भी प्याऊ की व्यवस्था की गई है। जो प्रशंसनीय है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में 2542 अग्नि कांड हुए, जिनमें 63 लोगों की जान गई है, कुल 7705 झोपड़ी एवं कच्चा मकान अग्निकांड में नष्ट हुए हैं। 32 मृतकों के लंबित मुआवजा राशि का कारण पूछने पर कई जिलाधिकारी ने शव परीक्षण प्रतिवेदन विलंब से प्राप्त होने की जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने अनुमंडलीय अस्पताल में भी शव परीक्षण करवाने की व्यवस्था करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को दिया। शव परीक्षण में मृतक की गरिमा का ख्याल रखा जाए। इसके लिए शव परीक्षण कक्ष का निर्माण करवाया जाए साथ ही वहां अटेंडेंट के लिए बैठने की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। वहाँ एक कक्ष और रहे जहां शौचालय, पेयजल एवं पंखा की व्यवस्था हो।

बैठक में अग्निकांड से हुए फसल क्षति के मुआवजा की भी समीक्षा की गई एवं लंबित मुआवजा का भुगतान जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक अग्निकांड में अग्नि पीड़ितों के लिए कम से कम तीन दिनों तक भोजन की व्यवस्था की जाएगी।

बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा में बताया गया कि सभी जिलों के द्वारा सूखा राहत सामग्री के लिए दर का निर्धारण कर लिया गया है। फिलहाल राज्य में 09 लाख पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं, निजी नाव के लिए भाड़ा दर का निर्धारण सभी प्रमंडल में प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा किया जा चुका है।

निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा की समीक्षा में दरभंगा के जिलाधिकारी राजीव रौशन ने बताया कि जिले के 441 नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा चुका है।

अनुग्रह अनुदान के लिए सम्पूर्ति पोर्टल की समीक्षा में बताया गया कि राज्य में 93 लाख परिवारों की सूची सम्पूर्ति पोर्टल पर अद्यतन कर लिया गया है।ताकि आपदा के समय तुरंत अनुग्रह अनुदान का भुगतान किया जा सके।

मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में बाढ़ ग्रस्त जिलों में 100 बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें से 58 में कार्य पूर्ण हो गया है, 15 में कार्य अंतिम चरण में है, शेष आश्रय स्थल भी 2023 में तैयार हो जाएगा।

दरभंगा के जिलाधिकारी दरभंगा द्वारा सर्पदंश के मामले में बताया गया कि एफएसएल मुजफ्फरपुर द्वारा सर्प दंश के मामले में विसरा रिपोर्ट में विष (जहर) पाए जाने से संबंधित स्पष्ट रिपोर्ट देने में असमर्थता जाहिर की जाती है। साथ ही सर्प दंश के मामलों में मृतक के शरीर पर सर्प के दांतो के स्पष्ट निशान न होने एवं शव परीक्षण प्रतिवेदन में मृत्यु का कारण हृदय गति के रुकने से प्रतिवेदित करने से निर्णय लेने में कठिनाई होती है।

इस संबंध में मुख्य सचिव ने अपर स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिक को पूरे मामले को देखने एवं इसकी  जाँच की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए।

दरभंगा एनआईसी से दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त मनीष कुमार, नगर आयुक्त-सह-उप विकास आयुक्त कुमार गौरव,अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, आयुक्त के सचिव अनिल कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय एवं संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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