मुख्य सचिव ने की लोक शिकायत के मामलों की समीक्षा।

दरभंगा: मुख्य सचिव बिहार आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत की जा रही गृह विभाग की सुनवाई खासकर थानों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई।

बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव-सह-मिशन निदेशक बीपीएसएम एवं अपर मिशन निदेशक प्रतिमा एस वर्मा द्वारा जिलावार एवं थाना वार सुनवाई के मामलों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि गृह विभाग के 19 विषयों पर परिवादी परिवाद लेकर लोक शिकायत में आवेदन करते हैं, इनमें भूमि विवाद के सर्वाधिक मामले होते हैं, इसके बाद दर्ज मामलों पर कार्रवाई करने या न करने से संबंधित मामले में आवेदन आते हैं। ऐसा देखा जा रहा है कि सुनवाई के दौरान थानाध्यक्ष जो लोक प्राधिकार भी हैं, के अनुपस्थित रहने से मामले का निष्पादन नहीं हो पाता है।

मुख्य सचिव ने वैसे जिला के जिलाधिकारी को अपने वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक को महीने में एक बार बैठक कर इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए।

साथ ही वैसे थानाध्यक्ष जो आदतन हर सुनवाई में अनुपस्थित रहते हैं, उनके विरुद्ध अनुपस्थिति का मासिक प्रतिवेदन अपने एसएसपी/एसपी को कार्रवाई करने हेतु भेजेंगे, वैसे थानाध्यक्ष के विरुद्ध कर्तव्य में लापरवाही का आरोप बनाते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

सीतामढ़ी, भोजपुर, वैशाली एवं अरवल में थानाध्यक्षों की सुनवाई के अनुपस्थिति अधिक रही।

अपर मुख्य सचिव गृह विभाग एस सिद्धार्थ द्वारा बताया गया कि चौकीदारी व्यवस्था को जिला में दुरुस्त करने की जरूरत है, किसी भी घटना की पूर्व सूचना देने की जिम्मेवारी चौकीदार पर निर्धारित किया जाए।

अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) संजय सिंह ने कहा कि कुछ अंचल में एक से अधिक थाने हैं, वैसे में रोस्टर बनाकर अंचलाधिकारी थानों में जा सकते हैं या जिला स्तर से शुक्रवार को तिथि निर्धारित की जा सकती है।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन अंचलों में एक से अधिक थाने हैं, वहां जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रोस्टर बना दें। शुक्रवार को भी सुनवाई की तिथि निर्धारित की जा सकती है या शनिवार को भी प्रथम पाली में एक थाना एवं दूसरे पाली में दूसरे थाने में सुनवाई रखी जाए।

थाना की दीवार पर इसकी सूचना पूर्व से अंकित की जाए जिसमें सुनवाई की तिथि एवं समय अंकित हो।

उन्होंने कहा कि भू-समाधान पोर्टल से मामले लेकर पक्षकारों को बुलाया जाए, आवश्यकता पड़ने पर स्थल का निरीक्षण कर मामले का निष्पादन किया जाए।अनुमंडल स्तर पर एसडीओ एवं एसडीपीओ प्रत्येक शनिवार को अपने थानों में की गई सुनवाई की समीक्षा कर लें।

भूमि विवाद से संबंधित मामलों की समीक्षा डीसीएलआर द्वारा की जाए।

दरभंगा एनआईसी से जिलाधिकारी राजीव रौशन, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार, उप निदेशक जन संपर्क एनके गुप्ता, बेनीपुर के लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मनोज कुमार पवन उपस्थित थे।

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