दरभंगा। बिहार सरकार के निर्देश पर निगरानी जांच हेतु शिक्षा विभाग के पोर्टल पर प्रमाण पत्र अपलोड करने की अंतिम दिन भी जिला के सैकड़ो शिक्षक विभागीय गलतियों के कारण अपना प्रमाण पत्र अपलोड नही कर सके। किन्ही का नाम गलत अंकित हो गया तो किन्ही का यूएएन नम्बर। शिक्षकों के द्वारा विभाग को त्रुटि के निराकरण के लिए आवेदन भी दिया गया लेकिन फिर भी सैकड़ो शिक्षकों के डाटा में पोर्टल पर कोई सुधार नही हो सका। बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष शम्भू यादव ने शिक्षकों की समस्या को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग एवं बिहार सरकार से पोर्टल पर प्रमाण पत्र अपलोड करने की अंतिम तिथि में विस्तार करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के यूएएन नम्बर अशुद्ध दर्ज कर देने से शिक्षकों का पोर्टल नही खुल पा रहा है। उदाहरण के तौर पर एक केवटी प्रखण्ड में ही ऐसे शिक्षकों की संख्या 35 है वही दूसरी ओर जाले प्रखण्ड के 11 शिक्षकों समेत जिला के सैकड़ो शिक्षक का नाम तक पोर्टल पर नही है तो किसी किसी प्रखण्ड में एक ही शिक्षक का नाम दो दो बार अंकित कर दिया गया है। वही कुछ शिक्षक ऐसे भी है जिनके नाम मे , माता पिता के नाम मे, जन्म तिथि में त्रुटि है जिसका निराकरण वे सम्बन्धित शिक्षण संस्थान में करवा रहे है। ऐसे में हम जिला शिक्षा विभाग एवं शिक्षा विभाग पटना से यह मांग करते है कि प्रमाण पत्र अपलोड करने की समय सीमा में विस्तार किया जाए तथा पोर्टल पर की अशुद्धियों को ठीक करते हुए प्रखण्ड स्तर पर कैम्प के माध्यम से छूटे हुए शिक्षकों का प्रमाण पत्र ऑफलाइन लेकर जांच करवाया जाए। अगर ऐसा नही किया और शिक्षकों को बेबजह से परेशान किया जाता रहा तो संघ चुप नही बैठेगा।