बेगूसराय निवासी बैंक बिचौलिया रामानंद यादव के शिकायत पर बैंक प्रबंधक  निगरानी के हत्थे चढ़ा 

दरभंगा। सेंट्रल बैंक धरमपूर के शाखा प्रबंधक  गुड्डू कुमार रजक को बिचौलिया का बात नहीं मानना भारी पड़ गया ।सेंट्रल बैंक धरमपूर के शाखा प्रबंधक और बेगूसराय निवासी बैंक बिचौलिया रामानंद यादव में कमिशन को लेकर कुछ खटपट होने की चर्चा सरेआम हो रही है. वर्षो पहले रामानन्द यादव नाबार्ड से नामित एनजीओ के माध्यम से जे. एल.जी. स्कीम के तहत कुशेश्वरस्थान के सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक एवं पीएनबी में लोन कराते थे और अपना परिचय नाबार्ड के अधिकारी के रूप मे देते थे. नाबार्ड से नामित एनजीओ का अवधि खत्म होने के बावजूद रामानंद यादव का बिचौलिया गिरी जारी रहा. बिचौलिया रामानंद हमेशा मैनेजर पर अपने लोगों को लोन का दबाव बनाने लगा. मैनेजर ने जब बात नहीं माना तो कई शिकायतें मैनेजर के खिलाफ करवाने लगा और शिकायत कर्ता और मैनेजर में समझौता करवा कर रामानन्द ने मैनेजर को अपने प्रभाव में लिया और उनके आवास पर जाने लगा. आज सुबह रामानंद ने निगरानी से मिलकर जाल बिछाया और मैनेजर के आवास में पहुँचा तो मैनेजर स्नान करने जा रहे थे. मैनेजर ने रामानन्द को बैठने को कहा और मैनेजर स्नान करने चले गए. इसी बीच रामानंद निगरानी द्वारा दिया गया केमिकल युक्त रुपया उनके बिस्तर पर रख कर निकल गए और निगरानी को उनके आवास में भेज दिया. निगरानी ने केमिकल युक्त नोट का सत्यापन कर मैनेजर को दबोच लिया.

इस संबंध में नाबार्ड के डी.डी.एम. ने बताया कि रामानंद यादव जिस एनजीओ का कार्य करते थे उसका अवधि वर्ष 2022-23 में खत्म हो गया था और उनका कोई भी संबंध नाबार्ड से नहीं है और वे जे. एल. जी. बनाने के लिए अधिकृत नहीं है.

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