फर्जी दरोगा ने एक दर्जन SI से की ठगी, गिरफ्तार:3 साल से राजगीर पुलिस एकेडमी में भी जा रहा था, वर्दी और ID कार्ड बरामद।

फर्जी दरोगा ने एक दर्जन SI से की ठगी, गिरफ्तार:3 साल से राजगीर पुलिस एकेडमी में भी जा रहा था, वर्दी और ID कार्ड बरामद।

नालंदा: जिले के छबिलापुर थाना की पुलिस ने शनिवार को एक मामले का खुलासा किया है. एक फर्जी दारोगा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. युवक दारोगा की वर्दी पहनकर पुलिस पदाधिकारियों से जान-पहचान बढ़ाने के लिए छबिलापुर थाना पहुंचा था. थाना प्रभारी को बातचीत के दौरान संदेह हुआ. इसके बाद पहचान-पत्र की मांग की गई तो फर्जी दरोगा के पास पहचान-पत्र और नेम प्लेट में अलग-अलग नाम दिखा. इस पर थाना प्रभारी को शक हुआ और उसे हिरासत में ले लिया. हिरासत में लेकर थाना प्रभारी ने पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया.

बताया जा रहा है कि पकड़ा गया फर्जी दारोगा अरवल जिला के अरवल थाना इलाके के फतेहपुर संडा गांव निवसी ब्रह्मानंद शर्मा का पुत्र कमलेश कुमार उर्फ दीपू है. युवक के पास से पुलिस की वर्दी, स्टार, बैच, बेल्ट, तीन पुलिस पहचान-पत्र, एक आधार कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड और एक मोबाइल बरामद किया गया है. वहीं, छबिलापुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि 17 अगस्त को फर्जी दारोगा वर्दी पहनकर जमादार से मिलने थाना पहुंच गया था, उसकी मंशा पुलिस पदाधिकारी से जान-पहचान बढ़ाने की थी. बातचीत से फर्जी दारोगा होने का संदेह हुआ फिर पहचान पत्र की मांग की गई तो शातिर ने अपना आई कार्ड दिखाया, जिसमें दीपू कुमार लिखा हुआ था जबकि उसके नेम प्लेट में कमलेश कुमार लिखा था. इसके बाद कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने फर्जी दारोगा होने की बात कबूल कर ली.

छबिलापुर थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि सासाराम के वेदा ओपी में फर्जी दारोगा खुद की तैनाती बता रहा था. सासाराम पुलिस से संपर्क करने पर खुलासा हुआ कि वेदा ओपी नहीं बल्कि रेड लाइड एरिया है, जिसके बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया. थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि शातिर दरोगा तीन सालों से पुलिस अकादमी के पास किराया का मकान लेकर रहने लगा था, इतना ही नहीं पुलिस अकादमी के एक कर्मी के सहयोग से पुलिस अकादमी के अंदर भी जाने लगा था.

वहीं, अरवल पुलिस से संपर्क करने पर शातिर के संबंध में चौंकाने वाला भी खुलासा हुआ है. शातिर ने खुद को दारोगा बताकर 22 लाख रुपये दहेज लेकर शादी भी कर ली थी, लड़की पक्ष के लोगों को जब दामाद के फर्जी दारोगा होने का पता चला तो खूब हंगामा हुआ. इसके बाद लड़की पक्ष ने इसकी प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी.

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