दरभंगा।पति को खो चुकी पीड़ित महिला अपने पुत्र को पाने के लिए दर बदर की ठोकरे खा रही है।पीड़ित महिला अंजली राउत ने वरीय पुलिस अधीक्षक,नगर पुलिस अधीक्षक दरभंगा,डीएसपी सदर को आबेदन दे कर कहा कि महिला थाना काण्ड संख्या- 55/2021 में समुचित धारा नहीं लगाने के कारण अभियुक्तों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है । अंजली राऊत ने बताया कि दिसम्बर 2020 में ससुराल वाले मारपीट कर घर से भगा दिया ।साथ ही वे लोग मेरे पति पर भी मुझे नहीं रखने का दबाब बनाया था ।जब मैं अपने मायके में रहती थी तब मेरा 10 वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार अपने पिता के साथ मेरे पास आता जाता था ।इस बीच अप्रैल 2021 में मेरे पति कोरोना पॉजिटीव हो गये थे जिनकी मृत्यु 18 . 04.2021 को पारस हॉस्पीटल में हो गई लेकिन मेरे ससुराल वाले मेरे पति का मरा मुँह भी देखने नहीं दिया । मेरे पति का काम क्रिया सम्पन्न होने के बाद मैं अपना लड़का आदित्य कुमार को लाने गई तो मेरे ससराल वाले मुझे अपने लड़के से मिलने भी नहीं दिया और मेरे साथ मारपीट व गली गलौज भी किया।बच्चे को बाद में उसे कहीं गायब कर दिया । अपने बच्चे के संबंध में मैं बाल कल्याण समिति , दरभंगा को भी एक आवेदन दिया था जिसपर बाल कल्याण समिति , दरभंगा के अध्यक्ष ने मेरे ससुराल वाले को नोटिस कर मेरे बेटे की उपस्थापना के लिए कहा , लेकिन वहां मेरे ससुराल वाले मेरे पुत्र को अपराधिक षडयंत्र के कारण उपस्थापन नहीं करवाया। तब दिनांक- 01.06.21 को ही बाल कल्याण समिति , दरभंगा के अध्यक्ष ने महिला थाना अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर मेरे पुत्र को बरामद कर बाल कल्याण समिति , दरभंगा के समक्ष उपस्थित करने को लिखा , लेकिन आजतक महिला थाना अध्यक्ष मेरे बच्चे के बरामदगी के सम्बन्ध में न कोई कार्रवाई की और न ही मेरे लिखित आवेदन पर बच्चा गायब करने का कोई धारा अंकित किया । पीड़िता ने बताया कि महिला थाना अध्यक्ष बच्चे के बरामदगी के लिए दबिश नही बना रही है और न ही अभियुक्तों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रही है । जबकि मेरे सुसराल वाले मेरे पति के हिस्से की जायदाद हरपने की नीयत से मेरे एक मात्र पुत्र का हत्या करने की नीयत से गायब कर दिया है। बाल कल्याण समिति , दरभंगा ने पत्रांक सं0- 218 दिनांक- 01.07.2021 से वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र के माध्यम से बच्चे के उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अंतिम पत्र समर्पित कर चूकी है।जब इस बाबत महिला थानाध्यक्ष के मोबाइल पर सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षण अधिकारी का निर्देश मिलने के बाद ही कार्रवाई होगा ।उनका कहना था कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चा होता तो उपस्थित किया जाता लेकिन बच्चा 10 वर्ष का है इसलिए कोर्ट या वरीय अधिकारि का निर्देश मिलेगा तो उपस्थित कराने का प्रयास करेंगे।इन सब के बीच पीड़ित महिला का कहना है कि वरीय पुलिस अधीक्षक ने पूर्व में ही महिला थाना कांड संख्या 55/21 में धारा जोड़ते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश दे चुके है।पीड़िता ने बताया कि अनुसंधान कर्ता अपने वरीय अधिकारि का आदेश को नही मानते।अब पीड़िता करे तो क्या करे ।जब निचले अधिकारी वरीय अधिकारियों का बात नही सुनते।
वही इस संबंध में पूछे जाने पर नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले को दिखवाता हूँ।त्वरित कार्रवाई होगी।