नहीं सहेंगे किसानों का अपमान, एडीजी पर हो कार्रवाई – उदय शंकर यादव
संजय मिश्र
दरभंगा
बिहार के नागरिकों में एडीजे कुंदन कृष्णन के किसान संबंधी बयान पर आक्रोश है। इसे स्वर देने खातिर आरजेडी के दरभंगा जिला अध्यक्ष सह पूर्व एमएलसी प्रत्याशी उदय शंकर यादव के नेतृत्व में रविवार को लहेरियासराय पोलो मैदान से आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च लहेरियासराय टावर तक गया, जहां एडीजी कुंदन कृष्णन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला जलाया गया।
मौके पर उदय शंकर यादव ने कहा कि एडीजे का बयान पूरी तरह से गलत और किसान समाज को बदनाम करने वाला है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह खेती करने वालों का सीधा अपमान है। उन्होंने कहा कि इससे बिहार के जन विरोधी अफसरशाही मिजाज का पता चलता है। कानून व्यवस्था पालन में फेल और आम जन पर दोष मढेंगे। आरजेडी जिला अध्यक्ष ने कहा कि किसी हाल में नागरिकों के सम्मान की रक्षा करेगी उनकी पार्टी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आरजेडी किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र यादव ने की। आक्रोश व्यक्त करने वालों में केवटी के पूर्व विधायक फराज फातमी, आरजेडी जिला प्रवक्ता सुवन्श कुमार यादव, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव सुभाष पासवान, आरजेडी नेता राजीव कुशवाहा, पार्टी के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव, किसान प्रकोष्ठ प्रवक्ता संतोष कुमार यादव, किरतपुर प्रखंड अध्यक्ष ललन कुमार यादव, जिला सचिव नवीन पासवान, मनोज कुमार साह, जिला महासचिव विश्वनाथ चौधरी, इंद्रजीत भगत, शत्रुघ्न पासवान, मिथिला प्रभारी केदारनाथ प्रसाद, बेनीपुर प्रखंड अध्यक्ष सदरे आलम, प्रदेश महासचिव शत्रुघ्न कुमार यादव उर्फ पन्ना यादव, कमलेश्वर यादव, जवाहर पासवान, महेंद्र पासवान, सुरेश यादव, नूर आलम, संतोष राम, मिथिलेश सदा, राजकुमार यादव शामिल हुए। इनके अलावा विरोध मार्च में कई आरजेडी वर्कर और किसानों ने सहभागिता दिखाई। सभी ने एक स्वर में एडीजी के बयान की निंदा की और सरकार से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उधर, चौतरफा निंदा और आक्रोश के स्वर से घिरे एडीजी कुंदन कृष्णन ने क्षमा मांग ली है। उन्होंने बयान जारी कर बताया है कि उनके कहे का आशय किसानों का अपमान नहीं था। बता दें कि कुंदन कृष्णन ने हाल ही में कहा था कि अप्रैल से जून तक राज्य में ज्यादा हत्याएं होती हैं क्योंकि इन महीनों में खेती नहीं होती, किसान खाली रहते हैं और अपराध कर बैठते हैं।

