नकली सोना को असली बता ‘गोल्ड लोन’ के नाम पर इस बैंक में हुई करोड़ों की घपलेबाजी; गुदरी बाजार से एक स्वर्णकार गिरफ्तार।

नकली सोना को असली बता ‘गोल्ड लोन’ के नाम पर इस बैंक में हुई करोड़ों की घपलेबाजी; गुदरी बाजार से एक स्वर्णकार गिरफ्तार।

बिहार के समस्तीपुर में नकली सोना देकर शहर के एक्सिस बैंक से करीब 1.28 करोड़ रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। इसके बाद एक्सिस बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक रामे रंजन राज ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गिरफ्तार लोगों में बैंक द्वारा संविदा के तहत रखे गए शहर के बहादुरपुर निवासी रामनारायण गुप्ता के बेटे सोने के पहचानकर्ता राजू कुमार गुप्ता और लोनी बादल कुमार शामिल हैं। जबकि इस मामले के मास्टर माइंड समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नगर पुलिस छापेमारी कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, एक्सिस बैंक ने शहर में कारोबार और गोल्ड लोन ग्राहकों को देने के लिए शहर के बहादुरपुर निवासी राजू कुमार गुप्ता को तीन दिसंबर 2020 को एक कॉन्ट्रैक्ट किया। उसमें कहा गया कि राजू कुमार सोने की पहचान कर उसके मूल्य का आंकलन कर बैंक को सर्टिफिकेट जारी करेंगे कि सोना कितने मूल्य का है। राजू द्वारा प्रदान किए सर्टिफिकेट के आधार पर शहर के 30 लोगों को गोल्ड लोन करीब सवा करोड़ रुपये का दिया था।

बताया गया है कि बीते मार्च महीने में बैंक की ऑडिट टीम समस्तीपुर पहुंची तो उन्होंने जमा गोल्ड की जांच की। जांच में पाया गया कि राजू गुप्ता द्वारा सत्यापित किए गए सभी सोना नकली है। उसके बाद बैंक के अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। इस मामले में मुंबई मुख्यालय के आदेश पर मुख्य शाखा प्रबंधक ने 30 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

सदर डीएसपी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि राजू गुप्ता का मित्र सुमित कुमार झा है। दोनों ने साजिश कर नकली सोना देकर गलत लोगों को बैंक के सामने पेश कर करीब सवा करोड़ रुपये का लोन दिलाया। डीएसपी ने बताया कि अब तक की जांच में यह बात भी सामने आई है कि सुमित इस खेल का मास्टरमाइंड है। लोगों की अधिकतर राशि उसने ही ठगी है। वह लोगों को सामने करता था और नकली सोना राजू को उपलब्ध करा देता था। राजू बैंक अधिकारी को असली का प्रमाण पत्र देकर लोन दिलाया करता था। लोन दिलाने के बदले वह लोनकर्ता से अच्छी खासी राशि लेता था।

एक बैंक अधिकारी ने बताया कि ग्राहक सोना लेकर बैंक जाते हैं। उस सोने की पहले असली-नकली की जांच की जाती है। सोना कितने कैरेट का है, यह जांचकर्ता पता लगाकर प्रमाणपत्र देते हैं। उसके बाद प्रावधान के अनुसार सोने की कीमत की 70-75 फीसदी राशि लोन के रूप में ग्राहक को दी जाती है। वहीं, इस मामले को लेकर एक्सिस बैंक के पदाधिकारी से बात करने की कोशिश की गई। इस पर उन्होंने वह ऑन कैमरा कुछ भी बोलने से परहेज किया। बैंक अधिकारी ने कहा कि इस बारे में कोई भी बयान अंचल कार्यालय जारी करेगा।

आरोपियों में राजू कुमार गुप्ता, नीरज कुमार, सुमित कुमार झा, रेणू देवी, संतोष कुमार राय, कल्पना कुमारी, सुनील कुमार झा, कल्पना कुमारी, दीपन देवी, अंजलि कुमारी, कृति भूषण कुमार, कुंदन कुमार पासवान, कृति सुमन कुमार, बादल कुमार, रेखा देवी, मोनू कुमार, राजा बाबू, रीकेश कुमार दास, मांगली देवी, आदर्श कुमार, उषा देवी, आरती देवी, सरिता देवी, बबिता देवी, संगीता देवी, प्रियंका देवी, शैदयद रहिल आजम, नीतीश कुमार, मीना देवी, सीता देवी और शहनवाद अख्तर शामिल हैं।

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