दूल्हे को पता था कि उसकी शादी है, न पिता को; लड़की वालों ने जब रोक दी शादी तो खुला राज।

दूल्हे को पता था कि उसकी शादी है, न पिता को; लड़की वालों ने जब रोक दी शादी तो खुला राज।

जाहिर तौर पर आपने शादी-ब्याह की सैकड़ों कहानियां पढ़ी-सुनी होंगी। बिहार के हाथपकड़ा, पकड़ौआ शादियों के बारे में भी जानते हों, यह संभव है। लेकिन, यहां तो कुछ और ही हो रहा था। दूल्हे को पता नहीं कि उसकी शादी होने वाली है। समधी बनकर दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचे शख्स को नहीं पता कि वह ही असली समधी है। समधन बनकर बारात लिए पहुंची महिला ने दहेज लेकर यह शादी पक्की की थी और वह पूरी धमक के साथ शादी कराने की तैयारी में थी। गड़बड़ यह हुआ कि दूल्हे को असहज पाकर दुल्हन पक्ष को शक हुआ। चेहरा ठीक से देखा गया तो दूल्हा ही बदला हुआ था। मामला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा का है।

नालंदा में शादी के लिए पहुंचे लड़के पक्ष को लड़की पक्ष ने गुरुवार को बंधक बना लिया। मामला दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां पंचायत अंतर्गत डुमरावां महादलित टोले की है। किसी ने इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी, इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़की पक्ष एवं लड़के पक्ष को अपने साथ लेकर थाने चली गई। पुलिसिया पूछताछ में सामने आया कि नवादा के अमौनी के रहने वाले रामजन्म मांझी और उनकी पत्नी लक्ष्मीनिया देवी अपने बेटे की बारात लेकर गुरुवार सुबह करीब 3 बजे डुमरावां गांव में देवशरण मांझी के घर पहुंचे थे। बारातियों का स्वागत लड़की पक्ष ने पूरे धूमधाम से किया। जब शादी की रस्म शुरू होने वाली थी, तभी दूल्हे को देखकर शक हुआ। दूल्हा बदलने का विवाद शुरू हुआ। लड़की पक्ष ने यह कहते हुए शादी से इनकार कर दिया कि जिस लड़के से शादी तय हुई थी, उसे लाया जाए। इसके बाद लड़के पक्ष के द्वारा मामले को भटकाने का प्रयास किया जाने लगा। बात नहीं बनी तो लड़की वालों ने बारात में आए सभीआठ लोगों को बंधक बना लिया और हंगामा करने लगे।

दूल्हा बनकर पहुंचे नवादा के अमौनी निवासी उमेश मांझी के 18 वर्षीय पुत्र बबलू कुमार ने पुलिस को बताया कि उसे लक्ष्मीनिया देवी यह कहते हुए अपने साथ लेकर आई कि उसके चाचा के ननिहाल में कोई बीमार है। उसे देखने जाना है। इसके बाद वह उन लोगों के साथ हो लिया और सीधे शादी में शामिल होने के लिए डुमरावां पहुंच गया। उसे यह नहीं पता था कि उसे ही दूल्हा बनाया जाएगा। जब उसे कोट-पैंट पहना कर शादी के मंडप पर बैठाया जाने लगा तो मामले का पता चला। पुलिस ने लड़के के इस बयान की पुष्टि के लिए उसके असली माता-पिता से मोबाइल पर बात की तो वह भी अनजान थे। उनलोगों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी गई और कुछ काम है यह कह कर लक्ष्मीनिया देवी अपने साथ लेकर गई थी।

लक्ष्मीनिया देवी इतनी शातिर है कि उसने फोन कर लड़की पक्ष को यह बताया कि उसके परिवार में किसी की मौत हो गई। बारात में कुछ लोग ही आएंगे और जल्दी से शादी के रस्म को पूरा कर विदाई करा दें। मामाल पकड़ में आने के बाद लक्ष्मीनिया देवी ने बताया कि उनके बेटे ने पहले ही लव मैरिज शादी कर ली थी। इस बात की उन्हें जानकारी नहीं थी। शादी तय हो चुका थी, इसलिए वह गांव के एक लड़के को उसके माता-पिता की सहमति से साथ शादी के लिए लेकर आई थी।

लक्ष्मीनिया देवी अपने बेटे ओजीर की जगह गांव के ही युवक बबलू को अपने साथ लेकर शादी के लिए आई थी। वहीं उसके पति रामजन्म मांझी ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं दी गई थी कि कब उनके बेटे की शादी उनकी पत्नी ने तय की और कितने पैसे लिए थे। अचानक उन्हें बुधवार की रात यह बताया गया कि एक शादी समारोह में जाना है और वो अपनी पत्नी के साथ चले आए।

लड़की के पिता देवशरण मांझी ने बताया कि लक्ष्मीनिया देवी ने कहा कि उनकी बेटे की नौकरी लग गई है। उन्हें कुछ रुपए की जरूरत है। इस तरह से उन्होंने करीब 1 लाख 15 हजार रुपए लड़के की मां को दे दिए। आज जब लोग शादी के लिए पहुंचे तो दूल्हा बदला हुआ था। उन्होंने कहा कि जो शादी में खर्च हुआ है और बेटे की नौकरी के नाम पर लिए रुपए लड़का पक्ष लौटा दे। वह सूद पर पैसे लेकर बेटी की शादी कर रहें थे।

दीपनगर थाना अध्यक्ष सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि लड़की एवं लड़के पक्ष को थाने पर लाया गया है। आवेदन मिलने पर आगे कुछ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी हुई है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है।

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