मां सती सेवा संस्थान, पड़री के तत्वावधान में शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह में कवियों और कलाकारों ने देर रात तक समां बांधे रखा। शाम पांच बजे से कवियों ने कविता पाठ व गान शुरू किया। 
डॉ. राकेश रौशन के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में श्याम बिहारी राय सरस, सागर नवदिया, अमृत पाठक, रजनीश प्रियदर्शी व विनोद कुमार हसौरा की कविताओं का लोगों ने देर रात तक आनंद उठाया। ज्यों-ज्यों रात ढलती गयी, गायन का उत्साह बढ़ता गया। अक्षय आनन्द सनी, गायिका प्रियंका मिश्रा व डॉ. पुतुल प्रियंवदा के गायन से लोग विभोर होते रहे। पहले दिन का कार्यक्रम दो चरणों में हुआ। सुबह में ग्रामीणों ने पाग शोभायात्रा निकाली। इस दौरान आकर्षक झांकी का आनन्द महिला व पुरुष उठा रहे थे। दूसरे चरण में कवि सम्मेलन हुआ। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर, विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू, पूर्व विधायक परमानन्द ठाकुर, मुखिया श्रवन ठाकुर, सरपंच अच्युतानन्द ठाकुर, पूर्व मुखिया धीरेन्द्र ठाकुर व अन्य गणमान्य ने किया। सांसद ने कहा कि इस प्रकार के समारोह से मिथिला की भाषा, संस्कार, सांस्कृतिक पहचान विश्व विदित होगी। काशी जिस प्रकार भारत की आध्यात्मिक राजधानी है उसी प्रकार मिथिला भारत की सांस्कृतिक राजधानी है। उन्होंने कहा कि जब तक मिथिला और मैथिली का सर्वांगीण विकास नहीं होगा, तब देश का विकास अधूरा रहेगा। कार्यक्रम में विधान पार्षद हरि सहनी, मौनी बाबा, जिप सदस्य सागर नवादिया, संस्थान के अध्यक्ष संतोष ठाकुर, महासचिव अतुल ठाकुर, सचिव रजनीश सुंदरम कोषाध्यक्ष चंदन ठाकुर, उपाध्यक्ष बाल कृष्ण ठाकुर, मीडिया प्रभारी विद्याभूषण राय आदि थे।