दरभंगा : राजस्व विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों का हुआ प्रशिक्षण।

दरभंगा प्रेक्षागृह में राजस्व विभाग के पदाधिकारियों/कर्मचारियों का प्रशिक्षण- सह- कार्यशाला आयोजित किया गया, जिसमें अपर समाहर्ता, तीनों अनुमंडल के डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी, सभी राजस्व पदाधिकारी,सभी राजस्व कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यशाला को जिलाधिकारी दरभंगा राजीव रौशन ने संबोधित करते हुए सभी नए राजस्व कर्मचारियों के साथ-साथ राजस्व विभाग के सभी पदाधिकारियों को भूमि विवाद के कारण एवं उसके निष्पादन के विभिन्न बिंदुओं पर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि अधिकतर भूमि विवाद के मूल में सीमांकन, आपसी बंटवारा, लोक भूमि की फर्जी खरीद/बिक्री, रैयती भूमि की फर्जी खरीद/बिक्री होते हैं।दाखिल खारिज के समय इन बातों को ध्यान में रखते हुए रिविजनल सर्वे के अभिलेख को आधार माना जाए।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी शिकायत मिलती है कि किसी रैयत की जमीन कोई दूसरा व्यक्ति विक्रेता बनकर बेच देता है, ऐसे मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराई होती है।
गौरतलब है कि गलत विक्रेताओं के अंगूठे के निशान का मिलान सही नहीं होगा, ऐसे मामले में दाखिल खारिज नहीं होनी चाहिए।
कैसर- ए- हिंद, गैरमजरूआ आम, गैरमजरूआ खास जमीन की खरीद- बिक्री नहीं होती है, सरकारी विभागों को राजस्व विभाग भूमि हस्तांतरित की जाती है।यदि दिए गए उद्देश्य के लिए उस विभाग द्वारा भूमि का उपयोग नहीं किया गया हो तो, भूमि वापस राजस्व विभाग की हो जाती है। उन्होंने सरकारी व रैयती सभी किस्म के भूमि से संबंधित नियम की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ऐसी शिकायतें मिलती है कि राजस्व कर्मचारी निर्धारित स्थल पर कार्यालय नहीं चलाते हैं, जो गलत है।
उन्होंने जिला सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित कर अंचल वार सभी हल्का कर्मचारी के कार्यालय का पता दूरभाष नंबर सहित प्रसारित करवा दें।
उन्होंने राजस्व कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कहीं भी ऐसा पाए जाने पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व कार्यालय पंचायत सरकार भवन,हल्का कार्यालय या निर्धारित कार्यालय में ही चलेगी, साथ ही अपने अंचलाधिकारी एवं डीसीएलआर से राजस्व कर्मचारी उस स्थल की संपुष्टि करवा लेंगे, जिससे उसकी सुरक्षा की व्यवस्था की जा सके, ताकि भू-अभिलेख सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि कहीं से भी अवैध मुंशी रखने की शिकायत मिलेगी तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब दाखिल खारिज के लिए जिसका आवेदन पहले आएगा, उसकी दाखिल खारिज पहले होगी, दाखिल खारिज राजस्व पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी के स्तर पर की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारी को पूर्ण प्रभार दिला दी जाए, बैठक में सभी नवपदस्थापित राजस्व कर्मचारियों ने पूर्ण प्रभार प्राप्त हो जाने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि दाखिल खारिज के मामले में अंचलाधिकारी स्तर पर एक सप्ताह से अधिक कोई भी मामला लंबित रहने पर संबंधित अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण करने का निर्देश तीनों डीसीएलआर को दिया गया।
उन्होंने सभी कर्मचारी, सभी राजस्व पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी को राजस्व विभाग,बिहार सरकार द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2023 तक सभी जमाबंदी, सभी भू-अभिलेख को राजस्व विभाग के पोर्टल पर अपलोड करवा देने का निर्देश दिया।
इसके उपरांत अपर समाहर्ता एवं डीसीएलआर के द्वारा भू-राजस्व से संबंधित विभिन्न नियम एवं अधिनियम की जानकारी कार्यशाला में दी गई।

बैठक में अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीआरडीए निदेशक राहुल कुमार, डीसीएलआर सदर राकेश रंजन एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

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