दरभंगा : मुरारी झा हुए पुरातत्व भूषण उपाधि से सम्मानित।

स्काउट एंड गाइड्स परिसर, बुद्ध मार्ग, छज्जूबाग, पटना में आयोजित कला, संस्कृति और साहित्य के राष्ट्रीय महोत्सव ‘चंद्रगुप्त साहित्य महोत्सव’ में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के प्राचीन भारतीय इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग के पुरातत्व विषय में शोध कार्य कर रहे युवा पुराविद् सह शोधार्थी मुरारी कुमार झा को धरोहर संरक्षण के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद आर० के० सिन्हा, डॉ साकेत सहाय(मुख्य प्रबंधक राजभाषा), प्रख्यात कवि गजेंद्र सोलंकी, शंभू शिखर, रुचि चतुर्वेदी एवं आराधना प्रसाद के हाथों ‘पुरातत्व भूषण सम्मान-2023’ प्रदान किया गया।

इस सम्मान के लिए श्री झा के नाम की अनुशंसा संस्कार भारती के वेद प्रकाश ने की थी।

श्री झा पुरातत्व के क्षेत्र में खोज कार्य करने हेतु ‘मुरारी कुमार झा(पुरातत्व)’ नाम से देश दुनिया में प्रसिद्ध हैं। इन्होंने अब तक करीब 400 से 500 पुरास्थलों एवं ऐतिहासिक गांवों का भ्रमण किया है, जिसमें कतिपय ऐसे पुरास्थल शामिल हैं, जो अभी तक प्रकाश में नहीं आया था। चूंकि इन्होंने इन पुरास्थलों का भ्रमण अपने साइकिल से किया है, इसीलिए इनकी ये यात्राएं अधिक महत्वपूर्ण है।

श्री झा को सम्मान मिलने से गांव समाज में काफी सराहना किया जा रहा है।

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