दरभंगा : जिले में खनन विभाग को मिले 37 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 19 करोड़ 73 लाख राजस्व की हुई वसूली।

डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि खनन से वर्ष 2022-23 के लिए दरभंगा जिला को 37 करोड़ 23 लाख 29 हजार रुपये का लक्ष्य दिया गया था। इसके विरूद्ध फरवरी 2023 तक 19 करोड़ 73 लाख 26 हजार रुपये की वसूली की गयी है। 232 पंजीकृत चिमनी भट्ठों में से 171भट्ठेदार द्वारा पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। बालू खनन में लक्ष्य से अधिक की वसूली हुई है। दण्ड से 1 करोड़ 87 लाख 58 हजार रुपये कार्य विभाग से 15 करोड़ 46 लाख 53 हजार रुपए, बालू से 14 लाख 85 हजार रुपए, ईंट से 2 करोड़ 13 लाख 97 हजार रुपए की वसूली हुई है। मानोपुर खरर्रा, पौराम बालूघाटों की बन्दोबस्ती हो चुकी है। मनरेगा एवं पंचायती राज विभाग के कार्यों से रॉयल्टी प्राप्त नहीं हो रही है। डीएम ने कार्यपालक अभियंता मनरेगा को सामग्री के लिए निर्धारित रॉयल्टी जमा कराने का निर्देश दिया। साथ ही त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थानों से रॉयल्टी जमा कराने के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं अपर समाहर्त्ता दरभंगा को पत्र भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज के वेबसाईट पर किये गये कार्य का विवरण देखकर उसके विरुद्ध रॉयल्टी की मांग करे। साथ ही केन्द्रीय एजेन्सियों से भी रॉयलटी के लिए पत्राचार करने का निर्देश दिया। जिला खनन पदाधिकारी सर्वेश कुमार संभव ने बताया कि अवैध खनन के विरूद्ध वर्तमान वित्तीय वर्ष में 262 छापेमारी की गई जिसमें 111 वाहन जप्त किये गए तथा 1 करोड़ 57 लाख 87 हजार रूपये की वसूली की गयी है। डीएम ने कहा कि सभी कार्यपालक अभियंता मिट्टी कटाई से संबंधित विवरण अपने संवेदक से लेकर खनन विभाग को उपलब्ध करा दें। साथ ही ढुलाई करने वाले वाहनों के वाहन नम्बर की सूची उपलब्ध करा दें ताकि खनन विभाग उन्हें न पकड़े। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि कहीं भी सरकारी भूमि से मिट्टी की कटाई न हो। इस बावत संबंधित सीओ से एनआईसी प्राप्त कर ले कि सरकारी जमीन से मिट्टी कटाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन से मिट्टी कटाई पाये जाने पर जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा। बैठक में जिला खनन पदाधिकारी सर्वेश कुमार संभव, उप निदेशक जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, सदर सीओ एवं संबंधित कार्यपालक अभियंता आदि मौजूद थे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *