समस्तीपुर और सीवान में कार्रवाई, डकैती के बाद से फरार था अपराधी बाघा नट बिहार में फरार अपराधियों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की कार्रवाई लगातार जारी है। इस बार तीन जिलों में STF ने अपनी कार्रवाई को एक साथ अंजाम दिया है। टीम ने कार्रवाई करते हुए गया जिले के कुख्यात व फरार अपराधी उमेश पहलवान और उसके भाई ब्रह्मदेव कुमार को गिरफ्तार किया इै। जिस वक्त STF की टीम ने पकड़ा, उस दौरान उमेश पहलवान हथियार से लैश था। उसके पास से एक देशी पिस्टल, 7 गोली, एक खोखा और कुछ रुपए कैश में बरामद किए। फिलहाल इस अपराधी को गया जिले के फतेहपुर थाना में 12 अप्रैल को दर्ज हत्या के प्रयास मामले में गिरफ्तार किया गया है। STF के अनुसार गया के अलग-अलग थानों में इन दोनों के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उमेश पहलवान का नाम गया जिले के टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट में शामिल था। लूट की दो वारदातों में थी तलाश दूसरी कार्रवाई को STF की टीम ने समस्तीपुर में अंजाम दिया है। दरअसल, यहां से अपराधी रौशन को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी मूल रूप से बेगूसराय जिले के खुदावनपुर के नया नगर का रहने वाला है। पर ये आपराधिक वारदातों को दरभंगा में अंजाम दिया करता था। जबकि, वारदात को अंजाम देने के बाद छीपने के लिए समस्तीपुर में को अपना ठिकाना बना रखा था। दरभंगा जिले के टॉप-10 के अपराधियों में रौशन का नाम शामिल है। दरभंगा के विशनपुर इलाके में पिछले साल मई महीने में इसने लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। उसके बाद से ही फरार चल रहा था। इसके अलावा दरभंगा में ही लूटपाट के दूसरे मामले में इसकी तलाश चल रही थी। डकैती के बाद से फरार चल रहा था अपराधी तीसरी कार्रवाई सीवान जिले के महाराजगंज में हुई है। यहां छापेमारी कर STF ने वांटेड अपराधी बाघा नट उर्फ आजाद नट को गिरफ्तार किया है। ये कुख्यात मूल रूप से सारण जिले के दयालपुर का रहने वाला है। पिछले साल जनवरी महीने में इस अपराधी ने दरौंदा के चंदचौर ज्वेलरी शॉप में अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की थी। लाखों रुपए के ज्वेलरी को लूट ले गए थे। इस वारदात के बाद से ही बाघा नट की तलाश चल रही थी। पर वो हाथ नहीं लग रहा था। मगर, STF ने जिम्मेवारी मिलते ही इसे धर दबोचा।
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