जीवन में अवसर सबको मिलता है, पर संघर्ष के बल पर भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाकर ही जीवन में सफल होना है संभव : कुलपति।

जीवन में अवसर सबको मिलता है, पर संघर्ष के बल पर भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाकर ही जीवन में सफल होना है संभव : कुलपति।

एनएसएस के स्वयंसेवक स्वेच्छा से ही समाजसेवा एवं लोगों के कल्याणकार्य करते हैं। उनके सभी कार्य लोकमंगल एवं लोककल्याणार्थ ही होते हैं, जिन्हें करते समय उनकी शक्ति और उत्साह आसमान से ऊंचा हो जाता है। सामान्य कार्य करते हुए हम कुछ समय बाद थक जाते हैं, परंतु यदि अपने घर में कोई बीमार हो, शादी- विवाह या पर्व- त्यौहार का अवसर हो तो हम कई दिनों तक बिना थके या सोये काम करते रहते हैं। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने एनएसएस कोषांग के तत्वावधान में स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग में आयोजित एनएसएस के पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर- 2023 हेतु चयन- प्रतियोगिता का मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए कही।

कुलपति ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके जीवन में अवसर अवश्य ही मिलता है, पर उसे बेकार न गमाते हुए संघर्ष के बल पर भीड़ से अलग पहचान बनाकर अपने जीवन को अवश्य सफल बनाना चाहिए। जीवन के चौराहे पर हमें सही रास्ते का चयन ही अपने लक्ष्य तक पहुंचाता है। जब हम कोई काम करें तो यह ध्यान रखें कि उसका लाभ उन्हीं लोगों को मिले, जिनके लिए काम किया जा रहा है। हम उन कामों को अवश्य करें, जिनसे हमें तथा दूसरों को भी खुशी मिलती हो। साथ ही वैसे कोई भी काम न करें जो गांधीदर्शन के विपरीत हो। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में चयन हेतु अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के सभी छोटे बड़े निर्णय छात्रहित में ही लिए गए हैं।

सम्मानित अतिथि के रूप में कुलसचिव डा अजय कुमार पंडित ने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक सेवा एवं समाज कल्याण है। इससे छात्रों के व्यक्तित्व का भी विकास होता है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रतियोगिता में चयनित होकर स्वयंसेवक अवश्य ही राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलानुशासक प्रो अजयनाथ झा ने कहा कि देशों को विकसित बनाने में स्वयंसेवकों की सेवा का काफी महत्व रहा है। समाज के लिए अपने को समर्पित करना ही सेवा- भावना है। व्यक्ति अपने द्वारा किए गए कार्यों के लिए ही याद किया जाता है। यदि हमारे कुछ श्रमदान से कोई सामाजिक कार्य संपन्न होता है तो यह बड़ी खुशी की बात है। एमएलएसएम कॉलेज, दरभंगा के एनसीसी पदाधिकारी डा अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास में शिक्षक एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। एनएसएस का कार्य सराहनीय होता है, जिससे समाज के साथ- साथ छात्रों को भी काफी लाभ होता है।

उद्घाटन सत्र का संचालन एवं विषय प्रवेश करते हुए पूर्व एनएसएस समन्वयक डा आर एन चौरसिया ने कहा कि भारत युवाओं का देश है, जिनके बल पर ही भविष्य में भारत विकसित एवं विश्वगुरु बनेगा। एनएसएस छात्रों को समाजसेवी, अनुशासित, चरित्रवान तथा स्वावलंबी बनता है। यह शिक्षा का अभिन्न अंग है जो युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है।

अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय संस्कृत विभागाध्यक्ष डा घनश्याम महतो ने कहा कि युवा विशेष रूप से राष्ट्रसेवा करते हैं, क्योंकि वे अधिक सजग एवं उत्साही होते हैं। हमें हमेशा कल्याणकारी एवं सेवाकार्य करने चाहिए, क्योंकि अच्छे या बुरे कर्मों का फल हमें जरूर मिलता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त किया कि एनएसएस के ऐसे कार्यक्रम कई वर्षों से संस्कृत विभाग में होते रहे हैं। अतिथियों का स्वागत करते हुए एनएसएस समन्वयक डा विनोद बैठा ने एनएसएस की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए प्रीआरडी कैंप- 2023 के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस बार विश्वविद्यालय से 6 छात्राओं का चयन किया जाएगा जो प्रान्त स्तर के उपरांत एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय, लखनऊ क्षेत्र में आयोजित सेन्ट्रल जोन के प्रीआरडी कैंप में भाग लेंगे, जिसमें चयनित होने के बाद आगामी पूरे जनवरी माह दिल्ली में रहते हुए 26 जनवरी, 2024 को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेंगे। आज की प्रतियोगिता में परेड, दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ऊंचाई, एनएसएस- ज्ञान तथा साक्षात्कार आदि के आधार पर चयन किया जा रहा है। चयन समिति में प्रो अजयनाथ झा, प्रो विजय कुमार यादव, डा विनोद बैठा, डा कामेश्वर पासवान तथा डा लक्ष्मण यादव शामिल हैं।

इस अवसर पर आरके कॉलेज, मधुबनी के एनएसएस पदाधिकारी डा दीपक त्रिपाठी, एमआरएम कॉलेज की एनएसएस पदाधिकारी डा शगुफ्ता खानम, एमकेएस कॉलेज, चंदौना के राघवेन्द्र झा, एमएलएसएम कॉलेज के एनएसएस पदाधिकारी डा सुबोध यादव, नागेन्द्र झा महिला कॉलेज, दरभंगा की एनसीसी पदाधिकारी डा ममता रानी, पूर्व स्वयंसेवक मुकेश कुमार झा, अक्षय कुमार झा तथा मनोज कुमार मिश्रा, कार्यालय सहायक अमित कुमार झा, जेआरएफ- नीतू कुमारी, नीरज कुमार सिंह और मणिपुष्पक घोष, भार्गवी भारती, योगेन्द्र पासवान, विद्यासागर भारती, मंजू अकेला तथा उदय कुमार उद्देश्य सहित 80 से अधिक व्यक्ति उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस पदाधिकारी डा लक्ष्मण यादव ने किया।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *