आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियो से रिपोर्ट मांगी। आयोग के निर्देश के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा रिपोर्ट और गवाहों के बयान सहित कुछ रिपोर्ट प्राप्त हुई। शेष रिपोर्ट अर्थात न्यायिक मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट प्राप्त नही हुई है जो आयोग के लिए चिंता का विषय है। अधिकारियो की लापरवाही पर आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13 (ए) के तहत दी गई अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मजिस्ट्रेट फरुखाबाद, पुलिस अधीक्षक फरूखा बाद और अधीक्षक जिला जेल फतेहगढ़ को पेश होने के लिए सम्मन जारी करते हुए दिनांक 09/06/2023 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का सख्त निर्देश दिया है। हालांकि यदि अपेक्षित रिपोर्ट 02/06/2023 को या इससे पहले प्राप्त हो जाती है तो उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति समाप्त कर दी जाएगी। आयोग ने यह भी कहा कि राज्य मानवाधिकार आयोग को एक अनुस्मारक जारी किया जाए कि क्या उन्होंने न्यायिक हिरासत में मौत के इस मामले का संज्ञान लिया है, यदि हां तो संज्ञान की तिथि चार सप्ताह के अंदर अवश्य प्राप्त करनी होगी।
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