जिलाधिकारी के हाथों पुरस्कृत हुए सुपोषित बच्चे।

समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा राजीव रौशन के द्वारा 20 मार्च से 03 अप्रैल तक चले पोषण पखवाड़ा के लिए प्रदर्शनी व पुरस्कार कार्यक्रम को दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य रंजना कुमारी, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीपीओ आईसीडीएस डॉ रश्मि वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन में सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हमें अपने देश को स्वस्थ्य व मजबूत रखने के लिए, विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए, यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे देश के बच्चों का स्वास्थ्य सही हो।
उन्होंने कहा कि यदि हमारे बच्चे स्वस्थ नहीं रहेंगे तो हमें विकास की ऊंचाइयों को प्राप्त करने में कठिनाई होगी, इसी कड़ी में 20 मार्च से सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर, सभी गाँव, टोलों में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम चलाया गया, जहां लोगों को अपने बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करने हेतु पौष्टिक व संतुलित आहार की जानकारी दी गयी एवं उन्हें जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि हमारे शरीर के लिए सभी प्रकार के अनाज, फल एवं सब्जियां आवश्यक है। सभी में अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्व उपलब्ध रहते हैं जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक है। प्राचीन काल में मानव का अधिक स्वस्थ रहने एवं उनके दीर्घायु होने के मूल कारण यही था कि उन्हें सभी प्रकार के फल व अनाज प्राप्त होते थे।
मानव सभ्यता का विकास हुआ और क्रमशः किसी खास स्थान के लोगों द्वारा अपनी सोच व सुविधा के अनुसार किसी खास अनाज को अपनाया जाता रहा। धीरे धीरे खान-पान की शैली बदलती गयी।
विभिन्न प्रकार के अनाज विभिन्न प्रकार के फल में अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्व होते हैं। हमारे शरीर के लिए सभी पोषक तत्व आवश्यक हैं, खास-कर मोटे अनाज, रेशायुक्त फल व सब्जियां भी शरीर के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने अंबेडकर सभागार के बाहर सेविकाओं द्वारा लगाए गए पौष्टिक आहार के प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा की अंकुरित अनाज, सहजन, रागी, बाजरा, मक्का, चावल,दाल व दलिया विभिन्न प्रकार के फल सभी में अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्व उपलब्ध है और शरीर के लिए सभी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लोगों को इसके लिए जागरूक करने की आवश्यकता है, कि बच्चों के दैनिक आहार में बदल बदल कर अनाज, फल एवं सब्जी शामिल करें ताकि सभी प्रकार के पोषक तत्व बच्चों को मिल सके।
उन्होंने कहा कि शरीर के लिए सभी प्रकार के विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम,सोडियम,पोटैशियम जैसे पोषक तत्व की आवश्यकता होती है, इसलिए बच्चों के आहार में इन सभी पोषक तत्वों को शामिल करना आवश्यक है, ताकि हमारे बच्चे स्वस्थ एवं मजबूत बन सके,जब बच्चे स्वस्थ होंगे तो देश भी स्वस्थ व मजबूत होगा और विभिन्न क्षेत्रों में दूसरे देशों को चुनौतिया दे सकेगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी के कर कमलों से पोषण के मापदंड पर खरा उतरने वाले चार सुपोषित बच्चों को पुरस्कृत किया गया है, जिनमें दरभंगा ग्रामीण के उत्सव कुमार एवं काजल कुमारी, घनश्यामपुर के प्रिंस कुमार, किरतपुर के संध्या कुमारी शामिल हैं।
पोषक तत्वों से भरपूर आहार एवं व्यंजन की प्रदर्शनी लगाने वाली सेविकाओं में से वंदना कुमारी, श्वेता कुमारी, एवं कैलाशी कुमारी को बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही महिला पर्यवेक्षिका अंकिता श्वेता एवं हायाघाट के सीडीपीओ को पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन के लिए जिलाधिकारी के कर कमलों से पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी को शपथ दिलाते हुए कहा कि- “आज मैं भारत के बच्चों, किशोरों और महिलाओं को कुपोषण मुक्त स्वस्थ और मजबूत करने का वचन देता हूँ।
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान मैं हर घर तक सही पोषण का संदेश पहुंचआऊंगा, सही पोषण का अर्थ पौष्टिक आहार, साफ पानी और सही प्रथाएं।
मैं पोषण अभियान को एक देशव्यापी जन आंदोलन बनाऊंगा हर घर, हर विद्यालय, हर गाँव, हर शहर में सही पोषण की गूँज उठेगी।
इस जन आंदोलन से मेरे भारतीय भाई और बहन और सब बच्चे स्वस्थ होंगे और पूरी क्षमता प्राप्त करेंगे।
यह मेरी प्रतिज्ञा है, सही पोषण देश रौशन।”
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ0 रश्मि वर्मा ने बताया कि शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए माता के गर्भधारण से लेकर शिशु के जन्म के पश्चात तक कुल एक हजार दिन काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इन दिनों में माता एवं शिशु दोनों को सभी पोषक तत्व से युक्त आहार की आवश्यकता होती है। इन्हीं दिनों में बच्चों के शरीर व मष्तिष्क को मजबूती प्राप्त होती है, जो उम्र भर उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है। इन एक हजार दिनों में यदि किसी बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ जाता है तो वह ताउम्र झलकता है इसलिए इन एक हजार दिनों में बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
इसकी जागरूकता के लिए सभी आंगनवाड़ी केंद्र, सभी टोला में 20 मार्च से पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम वर्ष में दो बार चलाया जाता है, दूसरा कार्यक्रम सितंबर माह में आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नेहा कुमारी, परियोजना निदेशक आत्मा पूर्णेन्दु नाथ झा, जिला समन्वयक विवेक भूषण, जिला प्रोग्राम सहायक गोविंद कुमार, जिला प्रोग्राम प्रबंधक केयर इंडिया, जिला प्रोग्राम प्रबंधक यूनिसेफ एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

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