चाहने वालों ने किया गांधी प्रतिमा का मान मर्दन, निष्ठुर हैं अपने नेता की आस्था पर
संजय मिश्र
दरभंगा
वे जश्न में डूबे हैं। उनके धड़कन सुकून महसूस कर रहे। उम्मीद न रही कि सफल आयोजन हो पाएगा। हुआ .. लेकिन अहसास नहीं कि इस दौरान बापू प्रतिमा का मान मर्दन होता रहा। सोमवार 16 दिसंबर को अनादर की वैसी ही स्थिति है। आप सोच रहे होंगे कि कैसी पहेली है! जी ना। बता ही देते हैं कि लहेरियासराय टावर के प्रथम तल्ले पर बिराजे गांधी की प्रतिमा उनके होर्डिंग्स से ही ढके हैं जिनने गांधी दर्शन से खासी आत्मीयता दिखाने का दावा कर रखा है। वे सत्ता के मद में चूर सियासतदां हैं। बिहार में हुक्म चलाने वाले नीतीश की पार्टी जेडीयू के नेता।
वैसे तो इंडिया के तमाम राजनेता गांधी से प्रेरणा लेने की बात करते हैं। लेकिन नीतीश कुमार कुछ अलग ही हैं। आप बिहार के नागरिक हैं .. या अन्य प्रदेश के। बिहार का कोई प्रशासकीय परिसर न मिलेगा जहां किसी दीवार पर – गांधी की नजर में सात सामाजिक पाप कर्म – न लिखा मिले। नीतीश कुमार की पहल पर ऐसा किया गया है। अच्छी पहल है। सिद्धांत विहीन राजनीति को पहला पाप कर्म बताया गया है।
असल में 15 दिसंबर 2024 को पोलो ग्राउंड में जेडीयू का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। जेडीयू के कार्यकर्ता सम्मेलनों का ये आखिरी पड़ाव था। पहले से ही दावा किया गया कि पूरे दरभंगा शहर को जेडीयू के बैनर पोस्टर से पाट देना है। लेकिन कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा को भी नहीं बख्शा। उसे भी पाट दिया। उधर, सभा स्थल पर नीतीश का यशो गान होता रहा। सीएम के अलावा जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और सफल आयोजन का सेहरा बांधने वाले जिला अध्यक्ष गोपाल मंडल के जिंदाबाद के नारे लगते रहे। 16 दिसंबर को भी उनके पोस्टर्स से गांधी ढके हुए हैं। क्या स्थानीय जेडीयू नेता दिखा रहे कि नीतीश की गांधी में आस्था रश्मी है?
गांधी की प्रतिमा में जुबां पर उंगली रखी है। गांधी बाबा, आप चुप हैं। लेकिन हम तो ठहरे जनता के प्रहरी। आपकी दुर्दशा पर चुप कैसे रह सकते? लिखना तो पड़ता ही है। चाहे निशाने पर आने वाले आम हों या खास।

