दरभंगा ।लोक शिकायत निवारण के फैसले से पीड़ित खुश नहीं हैं। अब पीड़ित ने डीएम सह द्वितीय अपीलीय प्राधिकार में अपना दर्द पेश किया है। मामला फिरोजा खातून पति तनवीर अहमद को पीएम आवास दिए जाने से संबंधित है।
परिवादी हैं पनसल्ला गांव के निवासी मो कलाम। उन्होंने आवेदन में बताया है कि लाभार्थी सुखी संपन्न व्यक्ति हैं और इनके पास ईट तथा चदरा का घर है। उनके पति तनवीर अहमद के नाम अपना चार चक्का गाड़ी है। जिसका नंबर बीआर 06 पी बी 6752 है। लेकिन इस तथ्य को छुपाते हुए मुखिया, आवास पर्यवेक्षक एवं आवास सहायक से मिलीभगत कर अपने नाम से वर्ष 2019 में विवादित भूमि पर योजना का लाभ ले लिया।
भूमि का खेसरा नंबर 10090 है। जिस पर व्यवहार न्यायालय दरभंगा में टाइटल सूट नंबर 394/13 तथा 106/17 लंबित है। इस बात की अनदेखी करते हुए प्रधानमंत्री आवास भुगतान गलत ढंग से प्राप्त किया गया है। परिवादी के अनुसार इस संबंध में दिनांक 28- 8 – 2020 को सिंहवाड़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा दिनांक 2 – 9 – 2020 को जिला पदाधिकारी दरभंगा को आवेदन देकर अवगत कराया गया।
जिसकी प्रतिलिपि प्रखंड विकास पदाधिकारी सिंहवाड़ा एवं दिनांक 8 – 9 – 20 को राज्य पंचायती राज पदाधिकारी विभाग, बिहार सरकार तथा दिनांक 26 – 9 – 2020 को बिहार के मुख्यमंत्री को भेजा गया। जिसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी दरभंगा एवं जिला उप विकास आयुक्त दरभंगा को सभी अनुलग्नकों के साथ दिया गया।
किंतु आवेदन पत्र पर प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर राज्य लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के सामने एक आवेदन दिनांक 1 – 3 – 20 21 को भेजा गया। जिस पर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर दरभंगा द्वारा परिवाद अनन्य संख्या 99995 80250 32210 2164 दिनांक 25 – 3 – 21 दर्ज कर अंतिम आदेश दिनांक 15 – 06 – 21 को पारित कर दिया गया।
सुनवाई की तिथि की सूचना आवेदक यानि परिवादी को नहीं दी गई और परिवादी के पक्ष को सुने बिना अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर दरभंगा ने निर्णय पारित किया। परिवादी का कहना है कि यह आदेश बिल्कुल ही न्याय संगत नहीं है।
इसके बाद परिवादी ने अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर के निर्णय के विरूद्ध अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार दरभंगा के समक्ष दिनांक 2 – 7 – 2021 को अपील दायर किया। जिसमें दिनांक 21- 8 – 20 21 को अंतिम निर्णय पारित किया गया।
परिवादी कहते हैं कि लोक शिकायत निवारण दरभंगा प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने प्रथम अपील आवेदन में अंकित बातों का सही-सही अवलोकन नहीं किया। दिए गए कागजात पर कोई विचार नहीं करते हुए अंतिम आदेश पारित कर दिया जो कि अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर के द्वारा पारित आदेश से मिलता जुलता है। इसे न्याय कैसे कहेंगे?
कलाम ने बताया कि अपील बाद के संबंध में अपर समाहर्ता के आदेश में कहा गया है कि सिंहवाड़ा के लोक प्राधिकार अंचल अधिकारी को सूचना निर्गत की गई। उनके प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि अपीलकर्त्ता एवं प्रतिपक्ष के बीच जमीनी विवाद के कारण यह स्थिति है। इस मामले में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का आदेश सही है इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
दूसरी तरफ अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा बीडीओ को जांच करने को कहा गया। बीडीओ ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि परिवादी द्वारा आरोपित लाभुक फिरोजा खातून पति तनवीर पीएमएवाई आईडी 341297 को वित्तीय वर्ष 2017 – 18 में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है। लाभुक फिरोजा खातून द्वारा आवास छत स्तर तक बनाकर पूर्ण कर लिया गया है। जांच क्रम में पाया गया कि लाभुक फिरोजा खातून के पति मोहम्मद तनवीर ड्राइवरी का काम करके जीवन यापन कर रहे हैं। ग्राम पंचायत राज मणिकौली द्वारा इस संबंध में अपने लेटर पैड के क्रमांक 1689 दिनांक 24 – 4 – 21 के माध्यम से लिखित में मुखिया ने आरोपित को मिले लाभ के समर्थन में बात कही है। जांच से स्पष्ट है कि परिवादी द्वारा लगाया गया आरोप गलत एवं निराधार है।
परिवादी सवालिया लहजे में कहते हैं कि सभी तरह के प्रतिवेदन और अब तक के आदेश में लाभुक के पति के पास चार चक्का वाहन होने की बात से कन्नी क्यों काटी गई है ?
परिवादी ने आवेदन में अंकित सारे तथ्यों की जांच अपने स्तर से कराते हुए जांच करने, दोषी पर कार्रवाई और भुगतान राशि को सिंघवारा प्रखंड नजारत में जमा कराने हेतु आदेश देने की मांग की है।