पीड़ित ने कहा डर के साए में जीने को मजबूर हैं कई गांवों के राहवासी
दरभंगा । जिले के कम से कम आठ गांव के लोग आपत्तिजनक वृत्ति में संलग्न एक गिरोह से डर कर जीने को अभिषप्त हैं। जिस किसी ने विरोध किया उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। अब एक और व्यक्ति ने हिम्मत दिखाई है और एसएसपी के पास शिकायत की है। गिरोह पर समुचित लगाम लगाने की गुहार लगाई है।
मामला सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है और मनिकौली पंचायत के चकदरगाह गांव निवासी साबिर ने एसएसपी को ध्यान दिलाया है कि बीते साल 4 नवंबर को उनके पुत्र रमीज साबरी ने उन्हें आवेदन दिया था उस पर सिंहवाड़ा थाना ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसलिए 16 मार्च 2023 को पिता साबिर ने एसएसपी को आवेदन देकर उसने मांग की है कि गिरोह के प्रमुख सदस्य मुश्ताक पिता नईम ग्राम चकदरगाह, साजिद मज्जफर पिता नन्हें मियां ग्राम पैगंबरपुर और चांद पिता नन्हें मियां ग्राम पैगंबरपुर के नाम गुंडा पंजी में दर्ज किए जाएं। ताकि इलाके के लोग शांति से जी सकें।
साबिर ने बताया कि गिरोह के लोग आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और इनके खिलाफ सिंहवाड़ा समेत अन्य थानों में मामले दर्ज हैं। साबिर ने कहा कि इस गिरोह में महिलाओं को भी रखा जाता है। साबिर ने दावा किया कि लोगों की जमीन हड़पना, उसके नाम पर पंचायत का दवाब बनाना और फिर पीड़ित को राहत देने के नाम पर रंगदारी वसूलना इनका धंधा है। जिसने आनाकानी की उस पर हमले करवा देना आम बात है। साबिर ने आरोप लगाया कि हमले के बाद उनके मेल में रहने वाली महिला को ही पीड़ित बता कर इस्तेमाल किया जाता है। आवेदक ने गिरोह के सक्रिय लोगों के आपराधिक मामलों का आवेदन में जिक्र किया है। आवेदक ने इसमें कई मामलों का हवाला दिया है कि जिससे अंदाजा लगता है कि गिरोह की पहुंच अस्पताल में भी है जहां से वे मनचाहा जख्म प्रतिवेदन प्राप्त कर लेते हैं और उस आधार पर थाने में पीड़ित के खिलाफ ही मामला दर्ज करवा देते हैं।
आवेदन में इस गिरोह के हमले का पूर्व में शिकार हुए लोगों का नाम भी दिया गया है। साथ ही अर्ज किया गया है कि गिरोह के लोग संगीन धाराओं में आरोपित रहे हैं लिहाजा जांच करा कर इनके नाम गुंडा पंजी में डाले जाएं जिससे कि पैगंबरपुर, कटासा, पनसल्ला, चकदरगाह, करौनी, भपुरा, भरवाड़ा और भवानीपुर के आम लोग चैन से जी सकें। विदित हो कि मौजूदा आवेदन रमीज के पिता साबिर ने एसएसपी को दिया है। सिहवाड़ा थाना प्रभारी से इस संबंध में फोन के मार्फत पक्ष लेने की कोशिश की गई लेकिन समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो पाया।