दरभंगा । मुद्रा हमारे समाज का एक बहुत महत्वपूर्ण व्यवस्था है। हम सभी चीजों का मूल्यांकन इसी पैसा से करते हैं और सभी तरह के विनिमय (एक्सचेंज) इस पर आधारित है।
ये पैसा कैसे आया? अभी क्या रूप है और भविष्य में क्या रूप होगा? यह बहुत ही दिलचस्प विषय है। आप सभी जानते हैं कि शुरू में विनिमय के लिए चावल, गेहूं फिर पशु, सोना व ताम्र आदि का प्रयोग हुआ। सभी विनिमयों के लिए सोना या अन्य चीजों का एक मानक बनाया जाता था। बाद में सरकार के द्वारा मान्यता प्राप्त करेंसी बने। परंतु सभी देश सोना को मानक बना कर करेंसी की छपाई करती रही है। परंतु अब अपने जरूरत के मुताबिक करेंसी की छपाई करती है और गारंटी लेती है।
पर अब दुनिया बदल रहा है। विशेषज्ञ अब इस पर अब सहमत हो गए हैं कि आने वाला समय क्रिप्टोकरेंसी का ही होगा। आइए देखे ये क्रिप्टो करेंसी क्या है? जिस प्रकार रुपया, डॉलर व येन आदि कई देशों के मुद्राएँ हैं, ठीक उसी प्रकार से यह एक मुद्रा है जो पूर्णतः डिजिटल है और इस पर कोई भी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था का कंट्रोल नहीं है। यह पूर्ण रूप से स्वतंत्र है।
इस क्रिप्टो करेंसी का पहला रूप सबसे पहले बिटकॉइन के रूप में जनवरी 2009 ई० में आया। इसके बनाने वाले का नाम शतोशि नाकमोटो है और सबसे आश्चर्य की बात ये है कि शतोशि नाकमोटो को कोई नहीं जानता। यह पूर्ण रूप से अपनी पहचान छुपाए हुए हैं।
एक बिटकॉइन की कीमत अभी लगभग ₹ 48 लाख है अर्थात् अगर आप 2009 ई० में एक बिटकॉइन लिए होते तो उस समय इसकी कीमत लगभग ₹ 50 होता और अभी आप ₹ 48 लाख के मालिक होते।
डिजिटल-करेंसी और क्रिप्टो करेंसी में बहुत बड़ा अंतर है। डिजिटल-करेंसी सरकार के द्वारा प्रमाणित मुद्रा का ही डिजिटल रूप है। यह क्रिप्टो करेंसी सरकार के द्वारा मान्यता और प्रमाणित नहीं है।
आपको इस संबंध में बहुत सारे प्रश्न आ रहे होंगे। इस पर बहुत सी बातें समझनी है। इसको समझना भी बहुत भारी काम है। कई विशेषज्ञ पिछले पाँच सालों से लगे हैं। इसकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता को समझने के लिए और पूरे दुनिया के लोग इसके भविष्य में पड़ने वाले प्रभाव को कई नई चीजों से जोड़ कर देख रहे हैं।
जिस प्रकार कंप्यूटर और इंटरनेट हमारी दुनिया बदली है ठीक उसी तरीके से ये क्रिप्टो करेंसी हमारी दुनिया बदलने वाली है। इसमें काम करने वाले की भी संख्या ठीक उसी तरह से बढ़ेगी। वैसा कोई भी क्षेत्र नहीं होगा जहां पर इसके विशेषज्ञ नहीं होंगे। कंप्यूटर की दुनिया में भारत देर से संभला परंतु क्रिप्टो करेंसी में भारत का भविष्य एक नया रूप दे सकता है।
हालांकि आगे उन्होंने कहा कि इस विषय पर विस्तृत परिचर्चा की जरूरत है। फिलहाल यह भविष्य के गर्भ में छिपी है। लांग टर्म अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर हो सकता है, इसके लिये अर्थशास्त्रियों व विशेषज्ञों को भी इसके सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं पर मंथन करना होगा।
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