खतरे से बचने के लिए सभी लोगों का वैक्सीनेशन होना आवश्यक
दरभंगा। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता आवश्यक है। इसे लेकर जिला में सावधानी बरती जा रही है। रेलवे स्टेशन के एयरपोर्ट पर यात्रियों की सघन जांच की जा रही है। साथ ही लोगों को प्रोटोकॉल के अनुपालन को लेकर अपील की जा रही है। डीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ केशव कुमार ने बताया दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोरोना के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, इजराइल सहित करीब आठ देशों में कोरोना के इस घातक वैरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं। इस संबंध में डीएमसीएच के माइक्रोबॉयोलॉजी के चिकित्सक डॉ केशव ने कहा कि एहतियात के तौर पर कई देशों ने अफ्रीकी देशों की यात्रा को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट में अब तक सबसे अधिक 32 म्यूटेशनों के बारे में पता चला है जो इसे बेहद संक्रामक और घातक बनाती है। अध्ययनों में पाया गया है कि कोरोना का यह वैरिएंट आसानी से शरीर में वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में सफल हो सकता है। बताया कि फिलहाल हमारे देश मे इस तरह का मामला नहीं आया है। बावजूद सरकार की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। एयरपोर्ट पर सघन चेकिंग की जा रही है। डॉ कुमार ने कहा किसी प्रकार नए वेरिएंट ओमिक्रान से बचाव के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन ज़रूरी है।
नए वैरिएंट से बचाव के लिए टीकाकरण की महत्ता पर हो रही शोध:
डॉ कुमार ने कहा अध्ययनों से पता चलता है कि इस वैरिएंट की प्रकृति उन लोगों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है जिनका पूरी तरह से वैक्सीनेशन हो चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोरोना के इस वेरिएंट से सुरक्षित कैसे रहा जा सकता है? इस पर शोध चल रहा है। इस संबंध में डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने लोगों को इससे बचाव के उपायों के बारे में बताया है।
इस वैरिएंट से करें बचाव:
डॉ कुमार ने कहा दुनिया के लिए अब तक सबसे खतरनाक माने जा रहे कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से भी संक्रामक ओमिक्रॉन की प्रकृति को जानने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं। बताया डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने कोरोना के इस खतरे से बचे रहने के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि फिलहाल मास्क ही कोरोना के इस खतरे से हमें सुरक्षित रख सकता है। सभी लोगों को कोविड से बचाव के उपायों को लगातार प्रयोग में लाते रहना चााहिए।
वैक्सीन है गंभीर खतरे से बचाव की गारंटी:
डॉ केशव ने बताया डॉ सौम्या कहती हैं कि भले ही ओमिक्रॉन में देखे गए म्यूटेशन इसे एंटीबॉडीज को चकमा देने के योग्य बनाते हैं, पर इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा कि कोरोना का खतरा उन्हें अधिक है जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है। टीकाकरण करा चुके लोग गंभीर संक्रमण और मृत्यु के खतरे से बच सकते हैं। इसके अलावा जिन लोगों की इम्युनिटी काफी कमजोर है या जो कोमोरबिडिटी के शिकार हैं उन्हें बूस्टर डोज की आवश्यकता हो सकती है।
टीके की दोनों खुराक जरूरी:
डॉ केशव ने कहा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के इस खतरे से बचने के लिए लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लेने पर जोर दिया है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना के इस खतरे से बचने के लिए सभी लोगों का वैक्सीनेशन होना आवश्यक है। जिन लोगों को अभी तक दूसरी खुराक नहीं मिली है उन्हें जल्द से जल्द इसे प्राप्त करना चाहिए।