एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर में शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित।

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह के आदेश से पीजी विभागों के अलग- अलग शिक्षकों के नौ दिनों की कार्यशाला विश्वविद्यालय परिसर स्थित एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर के ऑडियो- वीडियो मूक्स लैब में प्रारंभ हुई, जिनमें आज विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र, संस्कृत विभाग तथा भूगोल विभाग के शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो सुरेन्द्र कुमार, ऑडियो- वीडियो लैब के कोऑर्डिनेटर डा आर एन चौरसिया, भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो विनयनाथ झा , डा अनुरंजन, डा रश्मि शिखा, डा सुनील कुमार सिंह, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डा रुद्रकांत अमर, डा राजीव कुमार, डा प्रियंका राय, डा संजीव कुमार साह, संस्कृत विभागाध्यक्ष डा घनश्याम महतो, डा आर एन चौरसिया, डा मोना शर्मा, डा ममता स्नेही तथा आईटी सेल के ई गणेश कुमार पासवान, ई मुकुंद माधव, ई एस टी हसन, राम भरत, मंजीत कुमार चौधरी तथा प्रशांत कुमार झा आदि उपस्थित थे।

कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रो सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि बिहार में पहली बार स्थापित एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर कुलपति प्रोफेसर एस पी सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसकी सार्थकता इसे अधिक से अधिक छात्रोपयोगी बनाकर ही सिद्ध की जा सकती है। इसकी और अधिक उपयोगिता हेतु हम शिक्षकों से भी सुझाव ले रहे हैं। तत्काल व्याख्यान रिकॉर्ड कराने के इच्छुक शिक्षक अपने विभागाध्यक्ष से अग्रसारित पत्र कोऑर्डिनेटर के माध्यम से भेजेंगे। तत्पश्चात बेहतरीन व्याख्यानों का ऑडियो या वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए समय का निर्धारण कर संबंधित शिक्षकों को लैब में आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑडियो- वीडियो लैब में मिथिला विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ ही बाह्य विशेषज्ञों के भी छात्रोयोगी व्याख्यान रिकॉर्ड किए जाएंगे।

कार्यशाला में भाग लेने वाले विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, आईटी सेल के सदस्यों तथा आयोजकों आदि का स्वागत करते हुए ऑडियो- वीडियो लैब के कोऑर्डिनेटर डा आरएन चौरसिया ने कहा कि इसमें विभिन्न प्रकार के उत्तम उपकरण उपलब्ध हैं, जिनसे उच्च गुणवत्ता पूर्ण रिकॉर्डिंग संभव है। मूक्स नए कौशल सिखाने, अपने कैरियर को आगे बढ़ाने तथा बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक अनुभव प्रदान करने का एक किफायती तथा लचीला तरीका प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि कल पीजी उर्दू विभाग, समाजशास्त्र तथा मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

रिकॉर्डिंग की जानकारी देते हुए आईटी सेल के ई गणेश कुमार पासवान ने शिक्षकों के व्याख्यानों को अच्छे से ऑडियो एवं वीडियो रूप में रिकॉर्ड किए जाने के बारे में विस्तृत जानकारी तथा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें ध्वनि की स्पष्टता जरूरी है। शिक्षक यदि चाहे तो पीपीटी या पीडीएफ फॉर में मैटर भी ला सकते हैं। लैब में लाइटिंग एवं कैमरे आदि की समुचित व्यवस्था है।

शिक्षक डा मनुराज शर्मा ने लैब के माध्यम से पीजी के एइसीसी- वन एवं टू का वर्ग पूरे विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए लाइव मोड में आयोजित किए जाने का सुझाव दिया। इस अवसर पर अनेक शिक्षकों ने ऑडियो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग से संबंधित कई प्रश्नों को रखा, जिनका उत्तर विशेषज्ञों ने दिया।

कार्यशाला में भाग ले रहे सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन करते हुए ई मुकुंद माधव ने लैब के विभिन्न उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी और विश्वविद्यालय में एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर की स्थापना हेतु कुलपति एवं कुलसचिव के प्रति आभार व्यक्त किया।

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