आस में बीते आठ माह,बंट गए नियुक्ति पत्र पर नही मिला न्याय
दरभंगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी दरभंगा के द्वारा कॉन्सलिंग के आठ माह बाद अचानक कॉन्सलिंग रद्द करने के बाद सम्बन्धित अभ्यर्थी निरन्तर एक टेबल से दूसरे टेबल और एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय का चक्कर लगा रहे है किंतु अभी तक उन्हें न्याय नही मिला। न्याय मिलना तो दूर किसी अधिकारी ने आश्वासन तक नही दिया । शिक्षा विभाग के तमाम आला अधिकारियों का दरबाजा अभ्यर्थी खटखटा चुके है लेकिन कहि से कोई उम्मीद की किरण नजर नही आ रही है। दरअसल हुआ यह था कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा अचानक अपने अधिकार क्षेत्र का उलंघन करते हुए एकाएक विभिन्न नियोजन इकाइयो का कॉन्सलिंग रद्द कर दिया गया। यह कॉन्सलिंग प्रथम एवं द्वितीय चक्र में हुए थे। त्रिस्तरीय जांच कमेटी भी गठित हुई थी तथा उसने अपने प्रतिवेदन में भी कोई ऐसी बात नही कहि जिससे कि कॉन्सलिंग रद्द की जाए। विभागीय निर्देश में भी यह अंकित था कि कॉन्सलिंग के चौबीस घण्टे के अंदर गड़बड़ी वाले नियोजन इकाइयो की कॉन्सलिंग रद्द की जाए। अब जब सभी चरणों की कॉन्सलिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा नियुक्ति पत्र वितरण किये जा रहे है तब अचानक से कॉन्सलिंग रद्द कर देने से संबंधित अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा और वे न्याय की गुहार लगाने के लिए उप विकास आयुक्त, जिलाधिकारी, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, आयुक्त, प्राथमिक शिक्षा निदेशक, अपर मुख्य सचिव से लेकर कई विधायक, सांसद एवं जनप्रतिनिधियों के दरबाजा खटखटाने लगे। सबने इनकी बातों को सुना और डीईओ के आदेश पर आपत्ति जताया लेकिन डीईओ के जिद्द के आगे किसी की एक न चली और अभी जब दरभंगा में सभी को पत्र दिया गया तो ये अभ्यर्थी मायूस हो गए तथा सदमे में जीवन जी रहे है। एक अभ्यर्थी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि न जाने किस बात का गुस्सा मैडम हमपर उतार रही है। हम तो आश्वस्त थे कि अब हमें नियुक्ति पत्र मिलेगा लेकिन अचानक से सूचना मिलती है कि हमारा कॉन्सलिंग ही रद्द हो गया। अब किसकी गलती की सजा हम भुगत रहे है यह भगवान ही जाने। हमे उम्मीद है कि बिहार में कोई न कोई पदाधिकारी हमारी बातों पर जरूर गौर फरमाएंगे तथा हमारे साथ न्याय करेंगे।