अवरल का भदासी कांड, जिसमें 22 साल से सजा काट रहे 6 टाडा बंदी; आनंद मोहन के बाद उठी इनकी रिहाई की मांग

बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के फैसले के बाद सत्ता की सहयोगी भाकपा माले ने अरवल के भादसी कांड में 22 साल से जेल में बंद 6 टाडा बंदियों को भी रिहा करने की मांग की है.

बिहार के बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के फैसले के बाद राज्य में एक नया राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया है. बिहार में सत्ता की सहयोगी भाकपा माले ने अरवल के भादसी कांड में 22 साल से जेल में बंद 6 टाडा बंदियों को भी रिहा करने की मांग की है. भाकपा माले विधायक इस मांग को लेकर 28 अप्रैल को पटना में धरना देंगे. बता दें कि 1988 में अरवल के भदासी में एक कांड हुआ था. जिसमें 14 लोगों के खिलाफ टाडा लगा था. जिसके बाद 4 अगस्त 2003 को सबको आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई थी.

जेल में बंद 14 कैदियों में से अब महज 6 कैदी ही बचे हुए हैं, बाकि लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें अरवल के शाह चांद, मदन सिंह, सोहराई चौधरी, बालेश्वर चौधरी, महंगू चौधरी और माधव चौधरी के नाम शामिल हैं. माधव चौधरी की मौत अभी हाल ही में 8 अप्रैल 2023 को इलाज के दौरान पीएमसीएच में हो गई थी. उनकी उम्र करीब 62 साल थी. बाकि बचे 6 कैदियों में डॉ. जगदीश यादव, चुरामन भगत, अरविंद चौधरी, अजित साव, श्याम चौधरी और लक्ष्मण साव शामिलहैं.

भाकपा माले ने कहा कि बिहार सरकार ने 14 साल से अधिक की सजा काट चुके 27 कैदियों की रिहाई का आदेश दिया है, तो फिर भदासी कांड में 22 साल से सजा काट रहे 6 टाडा कैदियों की रिहाई पर सरकार मौन क्यों हैं. भाकपा माले का कहना है कि 22 टाडा कैदियों में से जिंदा बचे 6 टाडा कैदी अति पिछड़े और पिछड़े समुदाय से हैं और इन सभी ने 22 साल की सजा काट ली है।

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