उच्च न्यायालय के रोक बावजूद मिथिला विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध निर्माण कार्य जारी।

उच्च न्यायालय के रोक बावजूद मिथिला विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध निर्माण कार्य जारी।

पटना उच्च न्यायालय के सीडब्ल्यूजेसी नंबर 17972/ 23, दिनांक 19.12. 2023 को पारित रोक के आदेश के बावजूद ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध रूप से किये जा रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाने हेतु विश्वविद्यालय द्वारा नगर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर आग्रह किया गया है। ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 29 नवंबर, 2 दिसंबर तथा 21 दिसंबर को नगर थाना के साथ ही जिला प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराकर तुरंत निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुनः 26 दिसंबर, 2023 को उच्च न्यायालय के द्वारा पारित आदेश का उल्लंघन करने तथा नियमानुकूल आवश्यक कार्रवाई करने हेतु अवैध रूप से बना रहे मकान को रोकने की मांग की है।

उक्त अवैध निर्माण- कार्य विश्वविद्यालय के राजमैदान से दक्षिण एवं विश्वविद्यालय प्रेस परिसर से पूर्व विश्वविद्यालय की भूमि पर पवन चौधरी, उनके भाई तथा पुत्र के साथ दिनांक 28 अक्टूबर, 2023 को रात्रि में 10 बजे के बाद चोरी- छिपे मिट्टी भरवाने एवं अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस संदर्भ में विश्वविद्यालय के गत 2 दिसंबर के पत्र के आलोक में राज्यपाल के प्रधान सचिव के द्वारा गत 26 दिसंबर को पत्र के द्वारा जिला पदाधिकारी को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर सूचित करने हेतु पत्र प्रेषित की गई है।

मामला न्यायालय में प्रक्रियाधीन होने के कारण विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे पवन चौधरी, उनके भाई एवं पुत्र पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए तत्काल निर्माण- कार्य पर रोक लगाने की विश्वविद्यालय द्वारा मांग की गई है। कोर्ट में अपर्णा सहकारी गृह निर्माण सहयोग समिति लिमिटेड, लालबाग, दरभंगा, मिथिलेश चौधरी, लालबाग, दरभंगा, पवन चौधरी, राजकुमारगंज, दरभंगा तथा गंगाकांत झा, सेवा निवृत, तृतीय वर्गीय कर्मचारी, लनामिवि, दरभंगा को विश्वविद्यालय द्वारा अवैध निर्माण एवं भूमि कब्जा करने हेतु पार्टी बनाया गया है।

उक्त भूमि पर विश्वविद्यालय की छुट्टी दीपावली, छठ पूजा आदि का फायदा उठाकर कुछ निर्माण कार्य कर लिया गया है और आगे भी प्रयास किया जा रहा है विश्वविद्यालय द्वारा बार- बार निर्माण पर रोक लगाने हेतु जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित किया गया है, परंतु अब तक समुचित कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रभारी कुलसचिव डा कामेश्वर पासवान ने बताया कि नगर थाना तथा दरभंगा जिला प्रशासन को बार- बार सूचित करने के बाद भी समुचित कार्रवाई न होने पर ही विश्वविद्यालय ने कुलाधिपति को सूचित किया। तदोपरांत जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र आया है।

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