तीसरे दिन खत्म हुआ एम्स को लेकर आमरण अनशन, एक अनशनकारी की बिगड़ी तबीयत।

तीसरे दिन खत्म हुआ एम्स को लेकर आमरण अनशन, एक अनशनकारी की बिगड़ी तबीयत।

दरभंगा में एम्स को लेकर भाजपा सांसद गोपालजी ठाकुर का आमरण अनशन तीसरे दिन खत्म हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री एसपी बघेल और केंद्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया।

केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही एक टीम बनाएगी। यह टीम राज्य सरकार से समन्वय करेगी और एम्स निर्माण के काम को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने मांग की कि बिहार सरकार जल्द एम्स की जमीन को समतल कर दे।

इससे पहले आज मंच पर बैठे एक अनशनकारी माधव झा की तबीयत अचानक खराब हो गई। तबीयत बिगड़ने के वक्त केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भाषण दे रहे थे। उन्होंने ही अनशनकारी की तबीयत बिगड़ती देख मंच से एंबुलेंस बुलाने की अपील की। फिर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

वहीं आज आयोजन में शामिल होने पहुंचे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि ये बिहार सरकार की मंशा है, केंद्र की योजना को लटकाना। बिहार सरकार के कारण ये लटका है। बिहार सरकार को हमलोग विवश करेंगे कि भारत सरकार को जमीन की व्यवस्था में वो सहयोग करें। जनता के बीच भ्रम की स्थिति न बनाएं।

बता दें कि एम्स निर्माण को लेकर बिहार सरकार के खिलाफ दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर के नेतृत्व में 2 अक्टूबर से आमरण अनशन चल रहा है। इसे समर्थन देने के लिए आज धरना स्थल पर केंद्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री एसपी बघेल, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा, विधान परिषद में नेता विरोधी दल हरी सहनी सहित भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता अनशन स्थल पर पहुंचे हैं।

दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर निर्विवाद और उपयुक्त 200 एकड़ जमीन देने की मांग को लेकर स्थानीय सांसद गोपाल जी ठाकुर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। स्थानीय सांसद गोपाल जी ठाकुर के समर्थन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडवीया के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री पूरी टीम के साथ दरभंगा पहुंचे हैं।

सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 750 बेड वाले दरभंगा एम्स के लिए 1264 करोड़ की राशि दिए जाने और निदेशक की नियुक्ति हो जाने के बावजूद बिहार सरकार द्वारा उचित स्थल मुहैया नहीं कराया गया है। इसकी वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। बिहार सरकार द्वारा दरभंगा एम्स के लिए जो चिह्नित जगह है, उसे लेकर विवाद है। मांग है कि बिहार सरकार द्वारा दरभंगा एम्स निर्माण के लिए उपयुक्त 200 एकड़ जमीन सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराएं।

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