विश्वकर्मा समाज ने भरा हुंकार, राजनीतिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं -मुकुल आनंद

विश्वकर्मा समाज ने भरा हुंकार, राजनीतिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं -मुकुल आनंद

दरभंगा।लोक कल्याणकारी राज्य में समाज के सभी वर्गों को अगर संघर्ष करना पड़े तो यह चिंता का विषय है ।राज्य में सामाजिक एवं राजनीतिक अधिकार के लिए सभी वर्ग किसी न किसी रूप में संघर्ष कर रहे हैं ।इसी प्रकार इस राज्य में विश्वकर्मा वंशज के द्वारा संघर्ष किया जा रहा है। भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के द्वारा पूरे बिहार में विश्वकर्मा वंशज को जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है । इसी क्रम में अन्य जिला में आयोजन के बाद दरभंगा में जिला सम्मेलन का आयोजन प्रेक्षा गृह लहरिया सराय पोलो मैदान में संगठित एवं व्यवस्थित रूप में से किया गया ।इस सम्मेलन का उद्घाटन इस महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुल आनंद के द्वारा किया गया इस कार्यक्रम में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आनंद ने कहा है कि संघ के सदस्यों का मानना है कि अधिकार के लिए संघर्ष आवश्यक भी है।सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजनीति उपेक्षा विश्वकर्मा समाज अब बर्दाश्त नहीं करेगा। हर राजनीतिक पार्टी विश्वकर्मा समाज को सिर्फ ठगने का काम किया है ।किसी पार्टी ने इस समाज के उत्थान के लिए कोई भी योजना नहीं लाया है ।इससे इस समाज के लोग विकास से वंचित रहा है। महंगाई चरम पर है एक मजदूर जो ईंट पत्थर उठाता है उसकी मजदूरी 400 से ₹500 हो गया लेकिन विश्वकर्मा समाज के मजदूरी आज भी 500 से ₹600 तक ही सीमित है ।ग्रामीण क्षेत्रों में तो अब भी मजदूरी बहुत कम है।जिससे इस समाज के लोग अपने आप को कुट्ठित महसूस कर रहा है ।सरकार इस समाज को बैक फुट पर रखते आया है जिसे अब यह समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।

जिला अध्यक्ष राम शंकर शर्मा ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब तक राजनीतिक में इस समाज को भागेदारी नही मिलेगा तब तक लड़ाई जारी रहेगी।आज हर समाज अपने समाज की राजनीतिक भागेदारी ले लिया है लेकिन यह समाज आज भी वंचित है।श्री शर्मा ने विश्वकर्मा समाज को एक जुटता करने का आहवान किया और कहा कि भारतीय विश्वकर्मा महासंघ में विश्वकर्मा के पांचों पुत्र यथा बढ़ई,लोहार,सोनार,कसेरा एवम शिल्पकार को संगठित होना जरूरी है। इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में पूरे जिला से विश्वकर्मा बंधु भाग लिया।श्री शर्मा ने बताया कि आज तक हमारे विश्वकर्मा समुदाय से न कोई एम एल ए , एम एल सी या एमपी नही है।सभी राजनीतिक दलों ने इस समुदाय की उपेक्षा ही की है।आज समय की मांग है की सभी विश्वकर्मा समुदाय संगठित हो ताकि राज सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मौके पर दिवाकर ठाकुर, विनोद कुमार, जितेंद्र ठाकुर, प्रवीण कुमार ठाकुर, रामकुमार शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, भिखारी ठाकुर, रामस्वरूप ठाकुर, ललित ठाकुर, अशोक ठाकुर, बबलू ठाकुर सहित सैकड़ों विश्वकर्मा समाज के लोग मौजूद थे।

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